- डीएमके महासचिव दुरैमुरुगन की पोती सेंथामराई की शादी वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ हुई थी.
- डीएमके की विचारधारा तर्कवाद और आत्म-सम्मान पर आधारित है, जो वैदिक प्रथाओं के विरोध में है.
- पार्टी के संस्थापक पेरियार ने जाति आधारित और धार्मिक रीति-रिवाजों के खिलाफ अपने विचार रखे थे.
तमिलनाडु में डीएमके के सीनियर नेता और पार्टी के महासचिव दुरैमुरुगन की पोती की शादी हाल ही में संपन्न हुई है. लेकिन अब उन्होंने पोती की शादी वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चारों के साथ होने पर आपत्ति जताई है. डीएमके नेता का कहना है कि इसका राजनीतिकरण न किया जाए. दुरैमुरुगन की पोती सेंथामराई की शादी 1 नवंबर को चेन्नई में हुई थी, शादी में पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, अभिनेता धनुष, शिवकार्तिकेयन समेत फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं. लेकिन शादी की चर्चा मेहमानों से ज्यादा उसके तरीके को लेकर हो रही है. शादी वैदिक रीति-रिवाजों से हुई, जिसमें ब्राह्मण पुरोहितों ने संस्कृत मंत्र पढ़े थे. इसी पर पूरा विवाद शुरू हुआ है.
क्यों शुरू हुआ विवाद
दरअसल, डीएमके की विचारधारा तर्कवाद और आत्म-सम्मान पर आधारित है. पार्टी के संस्थापक पेरियार ने हमेशा वैदिक रीति-रिवाजों, संस्कृत मंत्रों और जाति-आधारित प्रथाओं के विरोध में थे. पार्टी आत्म-सम्मान शादियों को बढ़ावा देती है. जिसमें न तो कोई पुरोहित होते हैं और नहीं मंत्रा और धार्मिक रीति-रिवाज माने जाते हैं. सिर्फ समानता और आपसी सहमति पर शादी होती है. लेकिन डीएमके नेता दुरैमुरुगन ने अपनी पोती की शादी वैदिक रीति-रिवाजों से करवाई है. ऐसे में ऐसे में डीएमके के महासचिव के घर में ही वैदिक शादी होना पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ माना जा रहा है. द्रविड़ कड़गम के अध्यक्ष के. वीरमणि ने दुरैमुरुगन की आलोचना की है, उन्होंने सवाल उठाया कि वे पार्टी के मुख्य सिद्धांतों तर्कवाद और आत्मसम्मान से कैसे दूर हो गए. वहीं सीएम विजय की पार्टी टीवीके नेता और वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने भी डीएमके पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है.
ये वीडियो भी देखिए
दुरैमुरुगन ने दी सफाई
मामले में दुरैमुरुगन ने भी सफाई दी है. उनका कहना है कि उन्होंने सिर्फ अपनी पोती की इच्छा पूरी की है. 'मेरी पोती, जिसने विदेश में पढ़ाई की है. उसने मुझे बताया कि वह दूसरी जाति के एक व्यक्ति से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है, उसने मुझे यह भी बताया कि वे वैदिक रीति-रिवाजों से शादी करना चाहते हैं. इसलिए उसकी इच्छा के मुताबिक उसकी शादी वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुई. मैं ऐसी स्थिति में था जहां मुझे अपनी पोती की इच्छा पूरी करनी थी, मुझे इस घटना पर खेद भी है.' दुरैमुरुगन ने कहा कि वे एक दादा के तौर पर पोती की खुशी को मना नहीं कर पाए.
दुरैमुरुगन ने लोगों से अपील की है कि इस पारिवारिक मामले को राजनीतिक रंग न दिया जाए. क्योंकि यह एक परिवार का निजी फैसला था, जिसे पार्टी की विचारधारा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. लेकिन विपक्षी पार्टियों के साथ अपनी ही पार्टी में सवाल उठने से यह मामला फिलहाल चर्चा में बना हुआ है. दुरैमुरुगन DMK में महासचिव हैं, जो पार्टी में दूसरा सबसे बड़ा पद माना जाता है. ऐसे में उनकी तरफ से वैदिक शादी की अनुमति देना अहम माना जा रहा है.
ये भी पढ़ेंः प्रेमिका ने रिश्ता तोड़ा तो ठोक दी 97 RTI, पुलिस से एक्स गर्लफ्रेंड की पल-पल की खबर मांगी, सूचना आयोग ने फटकारा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं