महाराष्ट्र में अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ एनडीए सरकार में शामिल हो गए हैं. अजित पवार (Ajit Pawar) को अपने खेमे में लाकर बीजेपी ने 2019 का दूसरा बदला ले लिया है. बीजेपी ने पहला बदला शिवसेना को तोड़कर लिया था. अब दूसरा बदला बीजेपी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) को तोड़ कर लिया है.
बीजेपी का बदला नंबर 1
2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में एनडीए गठबंधन को बहुमत मिला था. बीजेपी को 105 सीटें और शिवसेना को 56 सीटें मिली थी. लेकिन बाद में शिवसेना मुख्यमंत्री पद की कुर्सी के लिए अड़ गई. सरकार नहीं बन सकी और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा. शरद पवार ने BJP को सत्ता का भूखा दिखाने की योजना बनाई थी. शरद पवार ने परदे के पीछे बीजेपी से बात की थी और राष्ट्रपति शासन हटाकर फडणवीस, अजित पवार का शपथग्रहण करवाया गया था. NCP के सारे विधायक लौट गए थे, कुछ घंटों में ही सरकार गिर गई थी.
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बाद में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना ने मिलकर सरकार बनाई थी. बाद में बीजेपी ने शिवसेना को तोड़कर इसका बदला लिया. एकनाथ शिंदे 40 विधायकों को लेकर अलग हुए. बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए शिंदे का मुख्यमंत्री बनाया. राज्यसभा चुनाव में भी बीजेपी ने शिवसेना के संजय पवार को हरा दिया था.इस हार से भी उद्धव ठाकरे की पोजिशन ख़राब हुई थी.
बीजेपी का बदला नंबर-2
हाल में शरद पवार ने खुलासा किया था कि 2019 में गुगली डाली थी. बीजेपी को सत्ता का भूखा दिखाने के लिए पवार की गुगली थी. इधर पवार 2024 के लिए विपक्ष को एक करने में बढ़-चढ़कर जुटे हैं. पवार को एहसास था कि अजित पवार छिटक सकते हैं. शरद पवार ने मई में इस्तीफ़े का दांव चला और वापस ले लिया.शरद पवार ने अजित पवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. बीजेपी 2019 का अपमान भूली नहीं थी. परदे के पीछे अजित पवार से लगातार बातचीत चलती रही थी. शरद पवार के करीबी प्रफुल्ल पटेल, भुजबल को भी इस बार बीजेपी ने तोड़ लिया. इसके साथ ही बीजेपी ने शरद पवार से भी अपने अपमान का बदला ले लिया.
बीजेपी को क्या हासिल हुआ?
महाराष्ट्र की राजनीति में BJP ने पवार, उद्धव को उन्हीं के मैदान में शिकस्त दे दी है. शिवसेना, NCP को तोड़कर बीजेपी ने अपमान का बदला ले लिया है. BJP ने 2024 के लिए अपना गढ़ भी मजबूत किया. 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP 25 और शिवसेना 23 सीटों पर लड़ी थी. 2019 में बीजेपी को 23 और शिवसेना को 18 सीटों पर जीत मिली थी. 2019 में एनसीपी को 4 सीटों पर जीत मिली थी.इस बार BJP शिंदे और अजित पवार से तालमेल करेगी.
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