
उन्नाव गैंगरेप पीड़ित को इलाज के लिए दिल्ली और उनके चाचा को रायबरेली जेल से तिहाड़ ट्रांसफ़र करने पर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2017 के उन्नाव बलात्कार कांड से संबंधित सभी पांच मुकदमे उत्तर प्रदेश की अदालत से दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने के साथ ही बलात्कार से संबंधित मुख्य मामले की सुनवाई 45 दिन के भीतर पूरी करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने तीस हजारी अदालत के जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा को सनसनीखेज उन्नाव बलात्कार कांड से जुड़े पांच आपराधिक मामलों की सुनवाई का जिम्मा सौंपा है. इन सबके बीच रविवार को ट्रक और कार की भिड़ंत में गंभीर रूप से घायल होने के बाद लखनऊ के अस्पताल में भर्ती दुष्कर्म पीड़ित की हालत स्थिर है लेकिन उसे अब भी जीवन रक्षक उपकरणों पर रखा गया है.
10 बड़ी बातें
शीर्ष अदालत ने रायबरेली के निकट हुयी सड़क दुर्घटना में जख्मी बलात्कार पीड़ित को अंतरिम मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये देने का भी आदेश उत्तर प्रदेश सरकार को दिया.
उधर, पीड़ित के साथ किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में भर्ती उसके वकील की हालत आज पांचवें दिन भी स्थिर बनी हुई है. उसे भी जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है.
इस बीच, दुष्कर्म पीड़ित की सुरक्षा के लिए लगाये गये तीन पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया .
उन्नाव के पुलिस अधीक्षक एम पी वर्मा ने बताया कि निलंबित पुलिसकर्मियों के नाम सुदेश कुमार, सुनीता देवी और रूबी पटेल हैं.
तेज रफ्तार ट्रक द्वारा पीड़ित की कार में टक्कर मारे जाने से कार में सवार पीड़ित की दो रिश्तेदारों की भी मौत हो गई थी.
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि 2017 में सेंगर ने अपने घर पर उससे दुष्कर्म किया था. उस वक्त वह नाबालिग थी.
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने इसके अलावा केन्द्रीय जांच ब्यूरो को ट्रक और दुष्कर्म पीड़ित की कार में हुयी टक्कर से संबंधित पांचवें मामले की जांच सात दिन के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है.
इस सड़क दुर्घटना की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने अपने हाथ में लेने के बाद भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सहित दस व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
पीठ ने स्पष्ट किया कि जांच ब्यूरो असाधारण परिस्थितियों में ही इस दुर्घटना की जांच पूरी करने की अवधि सात दिन और बढ़ाने का अनुरोध कर सकता है.
न्यायालय शुक्रवार को भी इस मामले की सुनवाई करेगा और उसने आज कहा कि दुष्कर्म पीड़ित से जुड़े मुख्य मामले की सुनवाई शुरू होने के 45 दिनों के अंदर पूरी की जाए.