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This Article is From Oct 30, 2016

पूर्व सैन्यकर्मियों से वादा पूरा किया, OROP के लिए 5,500 करोड़ की पहली किश्त जारी की : पीएम मोदी

पूर्व सैन्यकर्मियों से वादा पूरा किया, OROP के लिए 5,500 करोड़ की पहली किश्त जारी की : पीएम मोदी
आईटीबीपी जवानों को मिठाई देते पीएम मोदी (PTI फोटो)
किनौर/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है, जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था. उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच जवानों के साहस और बलिदान की प्रशंसा भी की.

पीएम मोदी ने सुमदो में सेना एवं आईटीबीपी के कर्मियों के साथ दिवाली मनायी तथा देश की हिफाजत करने के लिए सुरक्षा बल कर्मियों की सराहना की. यह स्थान हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है. उन्होंने कहा कि यह मामला '40 वर्षों' से लटका पड़ा था, क्योंकि पिछली सरकारों में कुछ लोगों ने ओआरओपी के बारे में पता नहीं था तथा ऐसे में इस मकसद के लिए 'सिर्फ 500 करोड़ रूपये आवंटित किए गए थे.'

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कई लोगों को यह लगा कि अगर योजना लागू नहीं की गई तो पूर्व सैनिकों का एक तबका सरकार के खिलाफ हो जाएगा. उन्होंने कहा, 'ओआरओपी महज 200 रुपये या 500 करोड़ रुपये के बारे में नहीं है, बल्कि यह 10,000 करोड़ रुपये का है... मेरे प्रधानमंत्री बनने के बाद, और इसे लागू करना का फैसला करने के बाद, इस पर पूरी सरकार सक्रिय हो गई... एक बार में सरकार के लिए इसे अदा करना संभव नहीं था, इसलिए मैंने पूर्व सैनिकों से इसे चार किस्तों में स्वीकार करने का अनुरोध किया.'

पीएम मोदी ने कहा, 'यह रकम चार किस्तों में उन तक पहुंचेगी. करीब 5,500 करोड़ रुपये पहली किश्त के रूप में भुगतान किए गए हैं.' पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ओआरओपी उनका 'सपना' था, जिसे 'पूरा किया गया.'

 प्रधानमंत्री ने कहा कि हर कोई अपने प्रियजनों के साथ दिवाली मनाना चाहता है और इसलिए वह सुमदो आए. उन्होंने कहा कि 2001 के गुजरात भूकंप के बाद उन्होंने भूकंप पीड़ितों के साथ दिवाली मनाई थी. उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है कि यह सब मैं प्रधानमंत्री बनने के बाद कर रहा हूं.'

विभिन्न सेवाओं के जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि दूसरे लोग करियर पर ध्यान देते हैं तो वे (जवान) शत्रु का सामना करने के अवसर देखते हैं. उन्होंने कहा, 'जब आप (जवान) जागते हैं तो वे (जनता) सोते हैं. अगर आप नहीं जागेंगे तो लोग (शांतिपूर्वक) सो नहीं सकेंगे.'

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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