
पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
सरकार ने आज कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंत्रालयों से आपसी मुकदमेबाजी से बचने और मामलों का समाधान सौहार्दपूर्ण ढंग से निकालने को कहा है.
विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 31 जुलाई 2014 को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में हुए विमर्श के अनुपालन में विधि सचिव ने भारत सरकार के सभी सचिवों को सात अगस्त 2014 को डीओ पत्र जारी कर मंत्रालयों और विभागों से आपसी मुकदमेबाजी से बचने का अनुरोध किया था.
उन्होंने बताया कि मंत्रालयों विभागों के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों बोर्डों प्राधिकरणों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे और कहा गया था कि आपसी सहमति और सरकार के सशक्त अभिकरणों के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान संभव नहीं होने पर मामला पहले मंत्रिमंडल सचिवालय को और यदि आवश्यक हो तो प्रधानमंत्री कार्यालय को निर्दिष्ट किया जाना चाहिए.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 31 जुलाई 2014 को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में हुए विमर्श के अनुपालन में विधि सचिव ने भारत सरकार के सभी सचिवों को सात अगस्त 2014 को डीओ पत्र जारी कर मंत्रालयों और विभागों से आपसी मुकदमेबाजी से बचने का अनुरोध किया था.
उन्होंने बताया कि मंत्रालयों विभागों के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों बोर्डों प्राधिकरणों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे और कहा गया था कि आपसी सहमति और सरकार के सशक्त अभिकरणों के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान संभव नहीं होने पर मामला पहले मंत्रिमंडल सचिवालय को और यदि आवश्यक हो तो प्रधानमंत्री कार्यालय को निर्दिष्ट किया जाना चाहिए.
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