नई दिल्ली:
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा कांग्रेसी होने के आरोप ग़लत बताया। एनडीटीवी के कार्यक्रम में 'न्यूज प्वाइंट' में जस्टिस काटजू ने कहा कि उन्होंने कांग्रेसी सरकारों की भी आलोचना की है। जस्टिस काटजू ने कहा कि गुजरात में विकास की बात कही जा रही है। विकास का मतलब ग़रीबी हटाना है। विकास का मतलब आम लोगों के जीवन स्तर को उठाना होता है।
अपनी नियुक्ति के लिए धन्यवाद देने के भाजपा की टिप्पणी पर जस्टिस काटजू ने कहा कि सही प्रक्रिया से मेरी नियुक्ति हुई थी। उनका कहना है कि इस लेख में आम आदमी की तरह मैंने आलोचना की है।
उनका कहना है कि मेरी नज़र में ग़रीबी हटाना ही विकास है। गुजरात में 57 ग़रीबी रेखा के नीचे हैं। जस्टिस काटजू ने भाजपा की भाषा को छोटे स्तर की करार दिया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि मैं अब भी अपने लेख पर कायम हूं।
गौरतलब है कि भाजपा नेता अरुण जेटली ने आरोप लगाया था कि वह कांग्रेस पार्टी से ज़्यादा कांग्रेसी लगते हैं। अर्द्धन्यायिक संस्था के प्रमुख के तौर पर उन्हें निष्पक्ष होना चाहिए। लेख में मोदी की आलोचना पद की गरिमा के ख़िलाफ़ है। जेटली ने कहा कि काटजू ने यूपीए के भ्रष्टाचार पर क्यों नहीं लिखा। कांग्रेस के वंशवाद पर क्यों नहीं लिखा। लगता है जैसे रिटायरमेंट के बाद उन्हें जो नौकरी दी गई है उसका धन्यवाद अदा कर रहे हैं। पूर्व जज याद रखें कि उन्हें मिल रहा लुटियन बंगले का किराया राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं है। अंत में भाजपा ने कहा कि काटजू इस्तीफ़ा दें या उन्हें हटाया जाए।
इस बयान के बाद जस्टिस काटजू ने कहा कि कांग्रेसी होने का आरोप ग़लत है। एनडीए के काल में जेटली ने भी ग़लत नियुक्तियां की हैं। मैंने कांग्रेस सरकार की भी आलोचना की है। वीरभद्र की भी आलोचना की।
जस्टिस काटजू ने कहा कि बीजेपी की भाषा छोटे स्तर की है, मैंने उन्हें कभी अपशब्द नहीं कहे। उनका मानना है कि मेरे लेख से भाजपा की मोदी के विकास के दावे की हवा निकल गई। जस्टिस काटजू का कहना है कि मुझे मशहूर होने का शौक नहीं। मैं न्यायपालिका की इज़्ज़त करता हूं लेकिन न्याय मिलने में देरी होती है।
अपनी नियुक्ति के लिए धन्यवाद देने के भाजपा की टिप्पणी पर जस्टिस काटजू ने कहा कि सही प्रक्रिया से मेरी नियुक्ति हुई थी। उनका कहना है कि इस लेख में आम आदमी की तरह मैंने आलोचना की है।
उनका कहना है कि मेरी नज़र में ग़रीबी हटाना ही विकास है। गुजरात में 57 ग़रीबी रेखा के नीचे हैं। जस्टिस काटजू ने भाजपा की भाषा को छोटे स्तर की करार दिया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि मैं अब भी अपने लेख पर कायम हूं।
गौरतलब है कि भाजपा नेता अरुण जेटली ने आरोप लगाया था कि वह कांग्रेस पार्टी से ज़्यादा कांग्रेसी लगते हैं। अर्द्धन्यायिक संस्था के प्रमुख के तौर पर उन्हें निष्पक्ष होना चाहिए। लेख में मोदी की आलोचना पद की गरिमा के ख़िलाफ़ है। जेटली ने कहा कि काटजू ने यूपीए के भ्रष्टाचार पर क्यों नहीं लिखा। कांग्रेस के वंशवाद पर क्यों नहीं लिखा। लगता है जैसे रिटायरमेंट के बाद उन्हें जो नौकरी दी गई है उसका धन्यवाद अदा कर रहे हैं। पूर्व जज याद रखें कि उन्हें मिल रहा लुटियन बंगले का किराया राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं है। अंत में भाजपा ने कहा कि काटजू इस्तीफ़ा दें या उन्हें हटाया जाए।
इस बयान के बाद जस्टिस काटजू ने कहा कि कांग्रेसी होने का आरोप ग़लत है। एनडीए के काल में जेटली ने भी ग़लत नियुक्तियां की हैं। मैंने कांग्रेस सरकार की भी आलोचना की है। वीरभद्र की भी आलोचना की।
जस्टिस काटजू ने कहा कि बीजेपी की भाषा छोटे स्तर की है, मैंने उन्हें कभी अपशब्द नहीं कहे। उनका मानना है कि मेरे लेख से भाजपा की मोदी के विकास के दावे की हवा निकल गई। जस्टिस काटजू का कहना है कि मुझे मशहूर होने का शौक नहीं। मैं न्यायपालिका की इज़्ज़त करता हूं लेकिन न्याय मिलने में देरी होती है।
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