
यह सुनकर भले ही आश्चर्य लगे, पर यह सच है कि अब छत्तीसगढ़ सरकार मछली भी बेचेगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी मत्स्य महासंघ के जरिए राजधानी सहित सूबे के चार स्थानों पर आउटलेट्स (बिक्री केंद्र) खोले जा रहे हैं।
बिक्री केंद्र में ताजा मछलियां बेची जाएंगी। दो केंद्रों में मछली के व्यंजन भी ग्राहकों को परोसे जाएंगे। मछली उत्पादक किसानों को भी बिक्री के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसान अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकेंगे। चारों बिक्री केंद्रों को अगले एक-दो महीनों में चालू करने की योजना है। इसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
छत्तीसगढ़ मत्स्य विभाग के निदेशक वीके शुक्ला ने बताया कि रायपुर सहित चार स्थानों पर मछली बिक्री केंद्र खोले जा रहे हैं। रायपुर में केंद्र में हम किसानों को यह सुविधा देंगे कि वे अपनी मछली खुद ग्राहकों को बेच सकें। स्थान उपलब्ध कराने के एवज में उनसे कुछ किराया लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, 'हमारी कोशिश होगी कि इन केंद्रों के जरिए लोगों को ताजी मछली उपलब्ध कराई जाए। इससे मछली उत्पादन करने वाले किसानों को तो फायदा होगा ही, लोगों को भी ताजी मछलियां मिलेंगी।'
मत्स्य विभाग के अफसरों के अनुसार, राजधानी में तेलीबांधा स्थित संचालनालय के बाहर आउटलेट बनाया जा रहा है। भिलाई के सेक्टर- 10 के साथ बिलासपुर के सीपत और खूंटाघाट में भी आउटलेट्स बनाए जा रहे हैं। अफसरों के अनुसार, इन आउटलेट्स के जरिए मुख्यत: मछली उत्पादक किसानों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
किसान अपनी मछली इन केंद्रों में लाकर बेच सकेंगे। इससे किसानों का मुनाफा बढ़ेगा, साथ ही उपभोक्ताओं को भी सस्ते में ताजी मछलियां मिलेंगी। बिक्री केंद्र में किसानों को जगह उपलब्ध कराने के एवज में कुछ शुल्क लिया जाएगा। विभागीय अफसरों ने बताया कि इन चारों केंद्रों के बाद राज्य के अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के केंद्र खोले जाएंगे।
पर्यटन स्थलों में शामिल खूंटाघाट के आउटलेट पर ग्राहकों को फिश फ्राई और फिश कटलेट भी उपलब्ध होंगे। योजना के अनुसार फिश फ्राई और फिश कटलेट के रूप में पकी हुई मछली फिलहाल खूंटाघाट के अलावा भिलाई में खुलने वाले आउटलेट भी उपलब्ध कराई जाएगी। शासन की इस योजना को कितना लाभ मिलता है, यह तो आनेवाला वक्त ही बताएगा।
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