रीवा:
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में निर्माणाधीन वेयर हाउस की दीवार ढह जाने से 50 से ज्यादा लोग दब गए और इनमें से नौ की मौत हो गई।
मरने वालों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार विरोधाभासी बयान आ रहे है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है, जेसीबी मशीन की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के जिउला गांव में वेयर हाउस का निर्माण चल रहा था, सोमवार की दोपहर को लगभग 100 मजदूर दीवार के करीब बैठकर खाना खा रहे थे तभी अचानक दीवार ढह गई और इस मलबे में बड़ी संख्या में मजदूर दब गए हैं।
वेयर हाउस राज्य सरकार के एक मंत्री के रिश्तेदार का बताया जा रहा है ।
नगर पुलिस अधीक्षक पीएल अवस्थी ने बताया कि इस हादसे में दबे मजदूरों में से आठ के शव निकाल लिए गए हैं और मरने वालों की कुल संख्या नौ हो गई है। पूर्व में अवस्थी ने मरने वालों की संख्या 12 बताई थी। घायलों को उपचार के लिए संजय गांधी चिकित्सा महाविद्यायल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रीवा रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक आरके शिवहरे ने चर्चा करते हुए स्वीकार किया कि शुरुआत में गंभीर रुप से घायल लोगों को भी मृत समझ लिया गया था, जिससे मृतकों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो गया था। अभी तक नौ लेागों की मृत्यु हुई है। इसके अलावा 10 घायल हुए हैं।
मलबे में दबे मजदूरों को निकालने का काम चल रहा है। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली जा रही है। मलबे में 50 से ज्यादा मजदूरों के अभी भी दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और उसने राहत व बचाव काम तेज करने के निर्देश दिए। कई मजदूर दीवार के मलबे के नीचे दबे भी नजर आ रहे हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। चौहान ने घायलों को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
दीवार गिरने की दुर्घटना का पता लगते ही ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल तथा जिलाधिकारी सहित प्रशासन और पुलिस अमले ने स्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों को गति दी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और हादसे की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है।
मरने वालों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार विरोधाभासी बयान आ रहे है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है, जेसीबी मशीन की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के जिउला गांव में वेयर हाउस का निर्माण चल रहा था, सोमवार की दोपहर को लगभग 100 मजदूर दीवार के करीब बैठकर खाना खा रहे थे तभी अचानक दीवार ढह गई और इस मलबे में बड़ी संख्या में मजदूर दब गए हैं।
वेयर हाउस राज्य सरकार के एक मंत्री के रिश्तेदार का बताया जा रहा है ।
नगर पुलिस अधीक्षक पीएल अवस्थी ने बताया कि इस हादसे में दबे मजदूरों में से आठ के शव निकाल लिए गए हैं और मरने वालों की कुल संख्या नौ हो गई है। पूर्व में अवस्थी ने मरने वालों की संख्या 12 बताई थी। घायलों को उपचार के लिए संजय गांधी चिकित्सा महाविद्यायल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रीवा रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक आरके शिवहरे ने चर्चा करते हुए स्वीकार किया कि शुरुआत में गंभीर रुप से घायल लोगों को भी मृत समझ लिया गया था, जिससे मृतकों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो गया था। अभी तक नौ लेागों की मृत्यु हुई है। इसके अलावा 10 घायल हुए हैं।
मलबे में दबे मजदूरों को निकालने का काम चल रहा है। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली जा रही है। मलबे में 50 से ज्यादा मजदूरों के अभी भी दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और उसने राहत व बचाव काम तेज करने के निर्देश दिए। कई मजदूर दीवार के मलबे के नीचे दबे भी नजर आ रहे हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। चौहान ने घायलों को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
दीवार गिरने की दुर्घटना का पता लगते ही ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल तथा जिलाधिकारी सहित प्रशासन और पुलिस अमले ने स्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों को गति दी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और हादसे की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है।
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