
गोवा में मनोहर पर्रिकर के साथ एशटन कार्टर।
नई दिल्ली:
भारत की तीन दिनों की यात्रा पर आए अमेरिका रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने गोवा में रविवार की रात में एक अनूठी भेंट दी। एक होटल में आयोजित डिनर में उन्हें ‘एचएमएस-मिन्डेन’ जहाज का मॉडल भेंट किया, जिस पर 19वीं सदी में अमेरिका का राष्ट्रगान लिखा गया था।
मुंबई में हुआ था ‘एचएमएस-मिन्डेन’ का निर्माण
इस बात की बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि इस जहाज का निर्माण मुंबई में हुआ था। यानी कि अमेरिका के राष्ट्रगान का भारत से भी रिश्ता है। अमेरिका और भारत के साथ-साथ दुनिया भर के लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बराक ओबामा की दोस्ती के बारे में जानते हैं लेकिन अब अमेरिका के रक्षा मंत्री भी मनोहर पर्रिकर के मुरीद हो गए हैं। वे पर्रिकर के बुलावे पर दिल्ली से पहले पर्रिकर के गृह राज्य गोवा चले गए। गोवा में ही अमेरिकी रक्षा मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
पर्रिकर के आमंत्रण पर कार्टर ने परंपरा तोड़ी
भारत दौरे पर आए अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर सीधे गोवा पहुंचे। मनोहर पर्रिकर ने कार्टर को पहले गोवा आने का निमंत्रण दिया था। पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए इस न्योते को अमेरिकी रक्षा मंत्री ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया और दिल्ली से पहले गोवा पहुंच गए। यहीं पर रविवार की रात में मनोहर पर्रिकर ने रात्रि-भोज के दौरान कार्टर को भेंट किया ‘एचएमएस-मिन्डेन’ जहाज का रेप्लिका। यह वही जहाज है जिस पर 1814 में अमेरिका के एक वकील फ्रांसिस स्कॉट की ने प्रसिद्ध गीत‘स्टार स्पेंगल्ड बैनर’ लिखा था। सन 1931 से यह गीत अमेरिका का राष्ट्रगान है।
युद्ध के दौर में जहाज पर लिखा गया गीत
करीब 215 साल पहले 1801 में ‘एचएमएस-मिन्डेन’ युद्धपोत का निर्माण ब्रिटिश नेवी ने मुंबई डॉकयार्ड में कराया था। मुंबई के इस डॉकयार्ड को अब मझगांव डाकयार्ड के नाम से जाना जाता है। सन 1812 में जब ब्रिटेन और अमेरिका में युद्ध हुआ तो ब्रिटिश रॉयल नेवी ने अपना यही जहाज ‘एचएमएस-मिन्डेन’ अमेरिका पर हमला करने के लिए निकला था। इस युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना ने अमेरिका के एक वकील फ्रांसिस स्कॉट-की को युद्ध-बंदी बना लिया। उन्हें इसी जहाज पर कैद करके रखा गया। ‘एचएमएस-मिन्डेन’ ने रात भर तोपों और बंदूकों से अमेरिका के एक किले पर गोलाबारी की लेकिन जब सुबह हुई तो फ्रांसिस स्कॉट ने देखा कि किले के ऊपर यूनियन-जैक यानि अमेरिका का झंडा ज्यों का त्यों लहरा रहा है। उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। बस फिर इसी यूनियन जैक को देखकर फ्रांसिस स्कॉट ने ‘एचएमएस-मिन्डेन’ पर ही ‘स्टार स्पैंगल्ड बैनर’ गीत की रचना की।
रविवार को जिस ‘एचएमएस-मिन्डेन’ का मॉडल रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने एश्टन कार्टर को पेश किया, उसे भी मझगांव डॉकयार्ड में तैयार किया गया है। इस मॉडल को भी उसी डॉकयार्ड में तैयार किया गया है जहां असली ‘एचएमएस-मिन्डेन’ ब्रिटिश रॉयल नेवी के लिए तैयार हुआ था।
मुंबई में हुआ था ‘एचएमएस-मिन्डेन’ का निर्माण
इस बात की बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि इस जहाज का निर्माण मुंबई में हुआ था। यानी कि अमेरिका के राष्ट्रगान का भारत से भी रिश्ता है। अमेरिका और भारत के साथ-साथ दुनिया भर के लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बराक ओबामा की दोस्ती के बारे में जानते हैं लेकिन अब अमेरिका के रक्षा मंत्री भी मनोहर पर्रिकर के मुरीद हो गए हैं। वे पर्रिकर के बुलावे पर दिल्ली से पहले पर्रिकर के गृह राज्य गोवा चले गए। गोवा में ही अमेरिकी रक्षा मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
पर्रिकर के आमंत्रण पर कार्टर ने परंपरा तोड़ी
भारत दौरे पर आए अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर सीधे गोवा पहुंचे। मनोहर पर्रिकर ने कार्टर को पहले गोवा आने का निमंत्रण दिया था। पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए इस न्योते को अमेरिकी रक्षा मंत्री ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया और दिल्ली से पहले गोवा पहुंच गए। यहीं पर रविवार की रात में मनोहर पर्रिकर ने रात्रि-भोज के दौरान कार्टर को भेंट किया ‘एचएमएस-मिन्डेन’ जहाज का रेप्लिका। यह वही जहाज है जिस पर 1814 में अमेरिका के एक वकील फ्रांसिस स्कॉट की ने प्रसिद्ध गीत‘स्टार स्पेंगल्ड बैनर’ लिखा था। सन 1931 से यह गीत अमेरिका का राष्ट्रगान है।
युद्ध के दौर में जहाज पर लिखा गया गीत
करीब 215 साल पहले 1801 में ‘एचएमएस-मिन्डेन’ युद्धपोत का निर्माण ब्रिटिश नेवी ने मुंबई डॉकयार्ड में कराया था। मुंबई के इस डॉकयार्ड को अब मझगांव डाकयार्ड के नाम से जाना जाता है। सन 1812 में जब ब्रिटेन और अमेरिका में युद्ध हुआ तो ब्रिटिश रॉयल नेवी ने अपना यही जहाज ‘एचएमएस-मिन्डेन’ अमेरिका पर हमला करने के लिए निकला था। इस युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना ने अमेरिका के एक वकील फ्रांसिस स्कॉट-की को युद्ध-बंदी बना लिया। उन्हें इसी जहाज पर कैद करके रखा गया। ‘एचएमएस-मिन्डेन’ ने रात भर तोपों और बंदूकों से अमेरिका के एक किले पर गोलाबारी की लेकिन जब सुबह हुई तो फ्रांसिस स्कॉट ने देखा कि किले के ऊपर यूनियन-जैक यानि अमेरिका का झंडा ज्यों का त्यों लहरा रहा है। उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। बस फिर इसी यूनियन जैक को देखकर फ्रांसिस स्कॉट ने ‘एचएमएस-मिन्डेन’ पर ही ‘स्टार स्पैंगल्ड बैनर’ गीत की रचना की।
रविवार को जिस ‘एचएमएस-मिन्डेन’ का मॉडल रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने एश्टन कार्टर को पेश किया, उसे भी मझगांव डॉकयार्ड में तैयार किया गया है। इस मॉडल को भी उसी डॉकयार्ड में तैयार किया गया है जहां असली ‘एचएमएस-मिन्डेन’ ब्रिटिश रॉयल नेवी के लिए तैयार हुआ था।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
अमेरिका, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, कार्टर की भारत यात्रा, गोवा में भेंट किया जहाज का मॉडल, एचएमएस-मिन्डेन, America, Ashton Carter, Manohar Parrikar, Goa, HMS Minden, Model Of Ship Hms Minden, Gift, एश्टन कार्टर