
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
कावेरी मामले में केंद्र सरकार ने स्कीम सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है. कोर्ट ने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुदुचेरी को स्कीम को देखने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट स्कीम की वैधता पर नहीं जाएगा, बल्कि ये देखेगा कि ये स्कीम कोर्ट के फरवरी के आदेश के मुताबिक है या नहीं. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 16 मई को सुनवाई करेगा.
केंद्र के ड्राफ्ट के मुताबिक इसमें नौ सदस्यों की एक अथॉरिटी होगी. केंद्र ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच कुछ विवाद है. कोर्ट ने इसे अथॉरिटी या बोर्ड खुद भी नाम दे सकता है. कावेरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के जल संसाधन सचिव को कावेरी के पानी के बंटवारे की स्कीम के साथ कोर्ट में तलब किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कावेरी मुद्दे पर फरवरी के आदेश का केंद्र द्वारा पालन ना करना गंभीर अवमानना है.
वहीं केंद्र ने कावेरी की स्कीम को लेकर दस दिनों का वक्त मांगा था. AG ने कहा कि ड्राफ्ट स्कीम तैयार है लेकिन कैबिनेट की स्वीकृति के लिए वक्त चाहिए. कर्नाटक ने कहा कि केंद्र राजनीति कर रहा है. तमिलनाडु ने कहा कि उसे पानी नहीं मिल रहा है.
केंद्र के ड्राफ्ट के मुताबिक इसमें नौ सदस्यों की एक अथॉरिटी होगी. केंद्र ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच कुछ विवाद है. कोर्ट ने इसे अथॉरिटी या बोर्ड खुद भी नाम दे सकता है. कावेरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के जल संसाधन सचिव को कावेरी के पानी के बंटवारे की स्कीम के साथ कोर्ट में तलब किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कावेरी मुद्दे पर फरवरी के आदेश का केंद्र द्वारा पालन ना करना गंभीर अवमानना है.
वहीं केंद्र ने कावेरी की स्कीम को लेकर दस दिनों का वक्त मांगा था. AG ने कहा कि ड्राफ्ट स्कीम तैयार है लेकिन कैबिनेट की स्वीकृति के लिए वक्त चाहिए. कर्नाटक ने कहा कि केंद्र राजनीति कर रहा है. तमिलनाडु ने कहा कि उसे पानी नहीं मिल रहा है.
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