
फाइल फोटो
नई दिल्ली:
हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमांडर बुरहान वानी की मौत के छह दिन बाद कश्मीर में हालात समान्य नहीं हुए हैं। अब तक भड़की हिंसा में 36 लोगों की जान जा चुकी है लेकिन कश्मीर में लगी हिंसा की आग अभी तक ठंडी नहीं हुई है। हुर्रियत कांफ्रेंस के सैयद अली शाह गिलानी को श्रीनगर के हैदरपोरा में उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया जब वो कर्फ्यू उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे थे। गिलानी शहीदों के कब्रिस्तान तक मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
आपको ये बता दें कि 1931 में राजशाही के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाने वालों की 85वीं बरसी मनाने के लिए गिलानी शहीदों के कब्रिस्तान तक जाने की कोशिश की। पुलिस ने केवल गिलानी को ही नहीं हुर्रियत के दूसरे नेताओं को भी हिरासत में लिया है ।
कश्मीर के अनंतनाग , पंपोर और कुपवाड़ा सहित कई हिस्सों में कर्फ्यू बुधवार को भी जारी है। इसके अलावा दूसरे कई इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध यानी कि अघोषित कर्फ्यू बरकरार है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर में ज्यादातर मौतें शनिवार को हुईं। उस दिन भीड़ ने कई जगहों पर पुलिस पर हमला किया था। वैसे अभी तक सभी मौतों की वजहों का पता नहीं लगाया जा सका क्योंकि मौजूदा हालात की वजह से पुलिस एवं दूसरी एजेंसियां ये जानकारी नहीं जुटा सकीं। जानकारी के मुताबिक ज्यादातर मौतें अनंतनाग जिले (16) में हुईं। इसके बाद कुलगाम (8),छोपियां (5), पुलवामा (3), श्रीनगर (1) और कुपवाड़ा (1) का स्थान है।
सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में नागरिकों की मौतों का विरोध करने के लिए अलगाववादियों ने बंद आयोजित किया है। इसके चलते बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के चलते दुकानें बंद रही और सार्वजनिक और निजी यातायात सड़कों से नदारद रहे। मोबाइल इंटरनेट और रेल सेवाएं अब भी निलंबित हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक दो दिनों में हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट आयेंगे।
आपको ये बता दें कि 1931 में राजशाही के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाने वालों की 85वीं बरसी मनाने के लिए गिलानी शहीदों के कब्रिस्तान तक जाने की कोशिश की। पुलिस ने केवल गिलानी को ही नहीं हुर्रियत के दूसरे नेताओं को भी हिरासत में लिया है ।
कश्मीर के अनंतनाग , पंपोर और कुपवाड़ा सहित कई हिस्सों में कर्फ्यू बुधवार को भी जारी है। इसके अलावा दूसरे कई इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध यानी कि अघोषित कर्फ्यू बरकरार है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर में ज्यादातर मौतें शनिवार को हुईं। उस दिन भीड़ ने कई जगहों पर पुलिस पर हमला किया था। वैसे अभी तक सभी मौतों की वजहों का पता नहीं लगाया जा सका क्योंकि मौजूदा हालात की वजह से पुलिस एवं दूसरी एजेंसियां ये जानकारी नहीं जुटा सकीं। जानकारी के मुताबिक ज्यादातर मौतें अनंतनाग जिले (16) में हुईं। इसके बाद कुलगाम (8),छोपियां (5), पुलवामा (3), श्रीनगर (1) और कुपवाड़ा (1) का स्थान है।
सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में नागरिकों की मौतों का विरोध करने के लिए अलगाववादियों ने बंद आयोजित किया है। इसके चलते बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के चलते दुकानें बंद रही और सार्वजनिक और निजी यातायात सड़कों से नदारद रहे। मोबाइल इंटरनेट और रेल सेवाएं अब भी निलंबित हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक दो दिनों में हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट आयेंगे।
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