देश में साढ़े चार लाख से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई

India Coronavirus Vaccination: देश में कोरोना के एक्टिव केस सात माह बाद घटकर दो लाख पर आए, आठ महीने बाद एक दिन में 140 से कम मौतें हुईं

देश में साढ़े चार लाख से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

India Vaccination Update: कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में अब तक 4,54,049 लोगों को टीके (Vaccine) लगाए गए हैं.  देश में सात माह बाद कोरोना के एक्टिव मामले दो लाख हो गए हैं. देश में आठ महीने बाद एक दिन में 140 से कम मौतें हुईं हैं. पिछले हफ्ते संक्रमण दर 1.99% रही. देश में दो राज्यों में कुल 60% एक्टिव मामले हैं. इनमें केरल में 68,617 और महाराष्ट्र में 51,887 एक्टिव केस हैं. इनमें महाराष्ट्र में 25.88% और केरल 34.22% एक्टिव मामले हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने यह जानकारी दी. 

राजेश भूषण ने बताया कि वैक्सीनेशन के पहले दिन भारत में 2,07,229 टीके लगे जबकि अमेरिका में पहले दिन 79,458, ब्रिटेन में 19,700 और फ्रांस में 73 टीके लगे थे. दुनिया मे पहले दिन सबसे ज़्यादा टीके भारत में लगे. अभी तक टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर (AEFI) के मामलों का प्रतिशत 0.18% है और 0.002% मामले टीके के बाद हास्पिटलाइजेशन के हैं. यह दुनिया में सबसे कम है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और पंजाब लक्ष्य से 40% नीचे टीकाकरण कर रहे हैं.  

नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि हमने टीकाकरण की अच्छी शुरुआत की. बहुत तेज़ गति से काम शुरू हुआ है. दोनों वैक्सीनें सुरक्षित हैं. दूसरों के मुकाबले AEFI की संख्या भी बहुत कम है. मॉडर्ना और PFIZER के AEFI 0.6% हैं. तो हमारे यहां प्रतिकूल घटनाएं तो ना के बराबर हैं. 

उन्होंने कहा कि अगर वैक्सीन उपलब्ध है और आप नहीं लगवा रहे तो समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभा रहे. दुनिया में वैक्सीन मिलने की समस्या है, और यहां सब उपलब्ध है. यदि स्वास्थ्य कर्मी नहीं ले रहे तो ये बहुत दुख की बात है. कुछ ही दिनों में हम सबको (स्वास्थ्य कर्मियों) टीके लगा देंगे, सबको कोविड प्रूफ़ बना देंगे.


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वीके पॉल ने कहा कि सिस्टम पर भरोसा रखें, कोई गंभीर बात होगी तो उसका समाधान करने के लिए भी सिस्टम है. संक्रमण के मामले हमारे यहां बहुत कम हो गए, लेकिन दूसरे देशों में मामले कम होकर फिर बहुत बढ़ गए इसलिए प्लीज वैक्सीन लगवाइए. वैक्सीन के प्रति हिचकिचाहट हमको खत्म करनी ही होगी. सितंबर के महीने में देखिए क्या हाल हुआ था. आज मामले कम हैं तो सांस ले रहे हैं और इस समय में वैक्सीन लगा रहे हैं.