
कन्हैया (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई अब 29 तक के लिए टाल दिया है। हाईकोर्ट ने पुलिस को दोबारा रिमांड पर मांगने की इजाजत दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस का अधिकार है कि वो दोबारा पुलिस हिरासत मांग सकती है।
कोर्ट ने कहा कि पुलिस रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के पास जा सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस रिमांड 15 दिनों के भीतर ही ले सकती है। इसमें तीन दिन ही बचे हैं। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि रिमांड के लिए सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए जाएं। पुलिस ये सुनिश्चित करे कि रिंमांड अर्जी और सुनवाई से पहले कन्हैया के वकीलों को जानकारी दी जाए।
पुलिस ने कोर्ट में दी स्टेटस रिपोर्ट
कन्हैया कुमार की जमानत अर्जी का विरोध दिल्ली पुलिस ने किया। कन्हैया को फिर पुलिस रिमांड पर लेने के लिए ट्रायल कोर्ट में पुलिस अर्जी देगी। स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया कि कन्हैया का गिरफ्तार उमर और दूसरे आरोपियों से आमना-सामना कराना है। दिल्ली पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट में कहा है कि अगर कन्हैया को जमानत दी गई तो देशभर के छात्रों में गलत संदेश जाएगा कि देश विरोधी गतिविधियां इम्युनिटी के साथ की जा सकती हैं और कुछ दिन जेल में रहकर बाहर आया जा सकता है।
पुलिस ने कहा कि सारे मामले की कड़ियों को जोड़ा जाना है, साजिश का पता लगाना है। मामले की जांच शुरुआती चरण में है, गवाहों के बयान दर्ज हो रहे हैं। पुलिस ने कहा, अगर जमानत दी जाती है तो जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। कानून व्यवस्था में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में कन्हैया को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। पुलिस ने इस पूरे मामले पर 30 नारे लिखे और ये कहा कि देश विरोधी नारे लगाए गए। सिर्फ वीडियो ही सबूत नहीं हैं, पुलिस के पास और भी सबूत हैं। पुलिस अभी जांच कर रही है कि कैंपस इन गैर शैक्षणिक गतिविधियों के पीछे कौन लोग और संगठन है और इनके पीछे उनका मकसद क्या है।
उधर, कन्हैया की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि हम मजिस्ट्रेट के सामने ही रिमांड का विरोध करेंगे। हम ये दिखाना चाहते हैं कि हम कानूनी प्रक्रिया में बाधा नहीं बन रहे हैं। पुलिस पहले ही कह चुकी है कि वह कन्हैया की जमानत अर्जी का विरोध करेगी। पुलिस ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में अभी और जांच करना चाहती है।
दिल्ली पुलिस करेगी जमानत अर्जी का विरोध
दिल्ली पुलिस कन्हैया की जमानत अर्जी का विरोध करेगी। वह उसे फिर रिमांड पर लेने की तैयारी में है। स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि कन्हैया को गिरफ्तार कर उमर और दूसरे आरोपियों से आमना-सामना करना है। सारे मामले की कड़ियों को जोड़ना है और साजिश का पता लगाना है। मामले की जांच शुरुआती चरण में है और गवाहों के बयान दर्ज हो रहे हैं। अगर जमानत दी जाती है तो जांच प्रभावित हो सकती है। कन्हैया को पहले चार दिन पुलिस हिरासत में रखा गया था, इसके बाद से वो न्यायिक हिरासत में जेल में है।
इससे पहले मंगलवार को सुनवाई में हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा था। कोर्ट ने पुलिस को साफतौर पर निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में नहीं होनी चाहिए।
JNU विवाद : कन्हैया के भाई ने कहा - न्याय मिलने तक लड़ते रहेंगे
कोर्ट ने कहा कि पुलिस रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के पास जा सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस रिमांड 15 दिनों के भीतर ही ले सकती है। इसमें तीन दिन ही बचे हैं। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि रिमांड के लिए सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए जाएं। पुलिस ये सुनिश्चित करे कि रिंमांड अर्जी और सुनवाई से पहले कन्हैया के वकीलों को जानकारी दी जाए।
पुलिस ने कोर्ट में दी स्टेटस रिपोर्ट
कन्हैया कुमार की जमानत अर्जी का विरोध दिल्ली पुलिस ने किया। कन्हैया को फिर पुलिस रिमांड पर लेने के लिए ट्रायल कोर्ट में पुलिस अर्जी देगी। स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया कि कन्हैया का गिरफ्तार उमर और दूसरे आरोपियों से आमना-सामना कराना है। दिल्ली पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट में कहा है कि अगर कन्हैया को जमानत दी गई तो देशभर के छात्रों में गलत संदेश जाएगा कि देश विरोधी गतिविधियां इम्युनिटी के साथ की जा सकती हैं और कुछ दिन जेल में रहकर बाहर आया जा सकता है।
पुलिस ने कहा कि सारे मामले की कड़ियों को जोड़ा जाना है, साजिश का पता लगाना है। मामले की जांच शुरुआती चरण में है, गवाहों के बयान दर्ज हो रहे हैं। पुलिस ने कहा, अगर जमानत दी जाती है तो जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। कानून व्यवस्था में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में कन्हैया को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। पुलिस ने इस पूरे मामले पर 30 नारे लिखे और ये कहा कि देश विरोधी नारे लगाए गए। सिर्फ वीडियो ही सबूत नहीं हैं, पुलिस के पास और भी सबूत हैं। पुलिस अभी जांच कर रही है कि कैंपस इन गैर शैक्षणिक गतिविधियों के पीछे कौन लोग और संगठन है और इनके पीछे उनका मकसद क्या है।
उधर, कन्हैया की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि हम मजिस्ट्रेट के सामने ही रिमांड का विरोध करेंगे। हम ये दिखाना चाहते हैं कि हम कानूनी प्रक्रिया में बाधा नहीं बन रहे हैं। पुलिस पहले ही कह चुकी है कि वह कन्हैया की जमानत अर्जी का विरोध करेगी। पुलिस ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में अभी और जांच करना चाहती है।
दिल्ली पुलिस करेगी जमानत अर्जी का विरोध
दिल्ली पुलिस कन्हैया की जमानत अर्जी का विरोध करेगी। वह उसे फिर रिमांड पर लेने की तैयारी में है। स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि कन्हैया को गिरफ्तार कर उमर और दूसरे आरोपियों से आमना-सामना करना है। सारे मामले की कड़ियों को जोड़ना है और साजिश का पता लगाना है। मामले की जांच शुरुआती चरण में है और गवाहों के बयान दर्ज हो रहे हैं। अगर जमानत दी जाती है तो जांच प्रभावित हो सकती है। कन्हैया को पहले चार दिन पुलिस हिरासत में रखा गया था, इसके बाद से वो न्यायिक हिरासत में जेल में है।
इससे पहले मंगलवार को सुनवाई में हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा था। कोर्ट ने पुलिस को साफतौर पर निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में नहीं होनी चाहिए।
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