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This Article is From Jul 02, 2025

JNU Admission 2025: जेएनयू दो पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा, जानें ले सब्जेक्ट का नाम

JNU Phd Admission 2025: जेएनयू यूजीसी-नेट के अंतर्गत न आने वाले दो पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है. इस बीच, JNU छात्रसंघ (JNUSU) ने सभी PhD पाठ्यक्रमों के लिए JNUEE को पुनः लागू करने की मांग को लेकर पिछले गुरुवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है.

JNU Admission 2025: जेएनयू दो पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा, जानें ले सब्जेक्ट का नाम
JNU Admission 2025: जेएनयू दो पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा
नई दिल्ली:

JNU Phd Admission 2025: जेएनयू यानी जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी में पीएचडी एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. ताजा अपडेट है कि यूनिवर्सिटी यूजीसी-नेट के अंतर्गत न आने वाले दो पीएचडी पाठ्यक्रमों- कोरियन स्टडीज (Korean Studies) और सिनेमा स्टडीज (Cinema Studies) के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है. जेएनयू कोरियन स्टडीज और सिनेमा स्टडीज के पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अपनी स्वयं की प्रवेश परीक्षा यानी जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JNUEE) आयोजित करेगा. जबकि अन्य सभी डॉक्टरेट डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश नेट स्कोर के आधार पर होंगे.

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एक सूत्र ने बताया, '' सभी डीन ने इस प्रक्रिया को स्वीकार किया और इस पर हस्ताक्षर किया है. यह निर्णय उनका अपना है, न कि कुलपति या प्रशासन का." सूत्र ने जोर दिया कि यह कदम स्कूलों की स्वायत्तता का परिणाम है. जेएनयू प्रशासन ने यह भी बताया कि नेट-जेआरएफ और सीयूईटी (CUET) जैसी परीक्षाएं अधिक समावेशी और व्यापक रूप से सुलभ हैं.एक अधिकारी ने कहा, "पहले JNUEE लगभग 80 केंद्रों पर आयोजित होती थी, जबकि नेट-जेआरएफ (NET-JRF) अब 200 से अधिक केंद्रों पर और सीयूईटी लगभग 500 केंद्रों पर आयोजित की जाती है." इसके साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि JNU का प्रकाशन रिकॉर्ड प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है.

JNU छात्रसंघ का विरोध

इस बीच, जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) ने सभी पीएचडी पाठ्यक्रमों के लिए जेएनयूईई को पुनः लागू करने की मांग को लेकर पिछले गुरुवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है, जो पांचवें दिन भी जारी है. जेएनयूएसयू (JNUSU) अध्यक्ष नितीश कुमार ने PTI को बताया, "कोरियन स्टडीज और सिनेमा स्टडीज के लिए नेट में कोई विषय उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए प्रशासन को इन दो विषयों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करनी पड़ रही है."

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छात्रसंघ का कहना है कि सभी PhD पाठ्यक्रमों के लिए जेएनयूएसयू को फिर से लागू करना चाहिए, क्योंकि यह प्रक्रिया जेएनयू की विशिष्ट शैक्षणिक संस्कृति और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करती है. मंगलवार को कुलपति के साथ निर्धारित बैठक बिना किसी सूचना के स्थगित कर दी गई, जिससे छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया. मंगलवार को कुलपति के साथ होने वाली बैठक बिना किसी पूर्व सूचना के स्थगित कर दी गई. यह विरोध पिछले गुरुवार को शैक्षणिक वर्ष 2025'26 के लिए पीएचडी प्रवेश कार्यक्रम जारी होने के बाद शुरू हुआ. 

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