
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो )
नई दिल्ली:
भारत पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के लिए 2003 में हुए समझौते को पूर्ण रूप से लागू करने की दोनों देशों की सेनाओं की प्रतिबद्धता सबंधी खबरों का अमेरिका ने स्वागत किया है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कल कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच संबंधों का सामान्य होना दोनों देशों और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है. दोनों देशों की सेनाओं के बीच समझौते के पालन को लेकर बनी सहमति के एक दिन बाद नोर्ट ने एक बयान में कहा , ‘‘भारत और पाकिस्तान की सेनाओं द्वारा नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के लिए 2003 में हुए समझौते को पूरी तरह लागू करने संबंधी खबरों का अमेरिका स्वागत करता है. ’’
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच ‘हॉटलाइन’ पर बातचीत के दौरान जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की. विशेष हॉटलाइन संपर्क की पहल पाकिस्तानी डीजीएमओ ने की. भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान के मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा के बीच बातचीत के बाद दोनों सेनाओं ने समान बयान जारी कर कहा कि दोनों देश 15 साल पुराने संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए हैं. साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन ना हो. गौरतलब है कि एलओसी पर पिछले कुछ महीनों में संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है. रक्षा सूत्रों ने नयी दिल्ली में बताया कि पाकिस्तानी थल सेना द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन किए जाने की इस साल अब तक कुल 908 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 860 था.
वहीं, इस्लामाबाद से प्राप्त खबर के मुताबिक पाकिस्तान थल सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा है कि दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच आज एक विशेष हॉटलाइन संपर्क स्थापित किया गया. बयान में कहा गया है कि दोनों डीजीएमओ ने नियंत्रण रेखा और ‘ वर्किंग बाउंड्री ’ पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की. शांति सुनिश्चित करने के लिए और सीमा पर बाशिंदों को पेश आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए वे मौजूदा स्थिति को बेहतर करने के लिए गंभीर कदम उठाने को लेकर भी सहमत हुए.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच ‘हॉटलाइन’ पर बातचीत के दौरान जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की. विशेष हॉटलाइन संपर्क की पहल पाकिस्तानी डीजीएमओ ने की. भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान के मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा के बीच बातचीत के बाद दोनों सेनाओं ने समान बयान जारी कर कहा कि दोनों देश 15 साल पुराने संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए हैं. साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन ना हो. गौरतलब है कि एलओसी पर पिछले कुछ महीनों में संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है. रक्षा सूत्रों ने नयी दिल्ली में बताया कि पाकिस्तानी थल सेना द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन किए जाने की इस साल अब तक कुल 908 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 860 था.
वहीं, इस्लामाबाद से प्राप्त खबर के मुताबिक पाकिस्तान थल सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा है कि दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच आज एक विशेष हॉटलाइन संपर्क स्थापित किया गया. बयान में कहा गया है कि दोनों डीजीएमओ ने नियंत्रण रेखा और ‘ वर्किंग बाउंड्री ’ पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की. शांति सुनिश्चित करने के लिए और सीमा पर बाशिंदों को पेश आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए वे मौजूदा स्थिति को बेहतर करने के लिए गंभीर कदम उठाने को लेकर भी सहमत हुए.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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