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सोकर उठते ही चकराने लगता है सिर? इसे बढ़ती उम्र की कमजोरी मानकर नजरअंदाज न करें

बिस्तर से उठते ही चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना या संतुलन बिगड़ना कई कारणों से हो सकता है बार-बार ऐसा हो रहा है तो इसे कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज न करें डॉक्टर से जानें इसके संभावित कारण और लक्षण-

Medically Reviewed By: Dr Niraj Kumar
सोकर उठते ही चकराने लगता है सिर? इसे बढ़ती उम्र की कमजोरी मानकर नजरअंदाज न करें
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सुबह आंख खुलते ही जब कोई बिस्तर से उठकर खड़ा होता है, तो कई बार अचानक सिर चकराने लगता है. आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है और संतुलन बिगड़ने से पलंग या दीवार का सहारा लेना पड़ जाता है. अक्सर लोग इस स्थिति को सिर्फ रात की अधूरी नींद, सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का प्रभाव मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार तो घर में चाय की चुस्की के साथ यह कहकर बात टाल दी जाती है कि शरीर में कमजोरी आ गई होगी. लेकिन सुबह की यह डगमगाहट हर बार इतनी साधारण नहीं होती. यह शरीर का एक अहम संकेत भी हो सकता है कि भीतर कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या जन्म ले रही है.

बिस्तर छोड़ते ही संतुलन बिगड़ने के मुख्य कारण

रात में कई घंटों तक सीधे लेटे रहने के बाद शरीर और रक्त संचार उसी स्थिति के आदी हो जाते हैं. ऐसे में अचानक मुद्रा बदलने पर शरीर तुरंत तालमेल नहीं बिठा पाता.

अचानक खड़े होने पर बीपी में गिरावट: जैसे ही कोई व्यक्ति तेजी से उठता है, ग्रेव‍िटी के चलते खून का प्रवाह पैरों की ओर होने लगता है. दिमाग तक पर्याप्त खून पहुंचे, उससे पहले ही कुछ पलों के लिए ब्लड प्रेशर गिर जाता है. चिकित्सा विज्ञान में इसे ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन कहते हैं. यही वजह है कि सिर हल्का महसूस होने लगता है और दृष्टि धुंधली हो जाती है.

रातभर पानी न पीने से डिहाइड्रेशन: छह से आठ घंटे की नींद के दौरान हम पानी नहीं पीते. शरीर में तरल की कमी होने से खून की मात्रा घट जाती है, जिससे सुबह उठते ही रक्तचाप कम होने और चक्कर आने का जोखिम बढ़ जाता है.

खाली पेट शुगर का स्तर घटना: यदि रात का भोजन बहुत जल्दी कर लिया गया हो या व्यक्ति डायबिटीज की दवाएं ले रहा हो, तो सुबह के समय ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा नीचे आ सकता है. इससे शरीर में कंपकंपी और सिर घूमने लगता है.

कान की गड़बड़ी: हमारे शरीर का संतुलन बनाए रखने में भीतरी कान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. कान के अंदर मौजूद तरल या बारीक तंत्र में किसी संक्रमण या असंतुलन की वजह से भी यह परेशानी पैदा हो सकती है.

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शारदाकेयर - हेल्थसिटी में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसलटेंट डॉ. नीरज कुमार बताते हैं- 

"सुबह उठते ही चक्कर आने की समस्या को सिर्फ वृद्धावस्था या दुर्बलता मानकर छोड़ देना जोखिम भरा हो सकता है. बुजुर्गों में संतुलन बिगड़ने से गिरने और कूल्हे की हड्डी टूटने या सिर में गंभीर चोट लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. यदि यह समस्या बार-बार हो रही है, तो रोगी के ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन और नियमित दवाओं की समीक्षा कराना अनिवार्य है. कई बार पुरानी दवाओं की अधिक खुराक भी इसका कारण बनती है."

सुबह की इस समस्या से बचाव के जरूरी उपाय

अपनी दिनचर्या में कुछ सरल और समझदारी भरे बदलाव लाकर आप इस परेशानी से बच सकते हैं.

उठने में जल्दबाजी न करें: जागते ही झटके से सीधे खड़े होने से बचें. पहले करवट लें, फिर आराम से बिस्तर पर दो मिनट पैर लटकाकर बैठें. जब सिर पूरी तरह स्थिर लगे, तभी खड़े होकर आगे बढ़ें.

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं: रात को सोने से पहले और सुबह उठने के तुरंत बाद एक गिलास सादा पानी अवश्य पिएं. इससे शरीर में रक्त संचार सही बना रहता है.

नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं: अगर आप उच्च रक्तचाप या मधुमेह से पीड़ित हैं, तो समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श लेते रहें और उनकी अनुमति के बिना दवाओं में कोई बदलाव न करें.

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