सुबह आंख खुलते ही जब कोई बिस्तर से उठकर खड़ा होता है, तो कई बार अचानक सिर चकराने लगता है. आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है और संतुलन बिगड़ने से पलंग या दीवार का सहारा लेना पड़ जाता है. अक्सर लोग इस स्थिति को सिर्फ रात की अधूरी नींद, सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का प्रभाव मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार तो घर में चाय की चुस्की के साथ यह कहकर बात टाल दी जाती है कि शरीर में कमजोरी आ गई होगी. लेकिन सुबह की यह डगमगाहट हर बार इतनी साधारण नहीं होती. यह शरीर का एक अहम संकेत भी हो सकता है कि भीतर कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या जन्म ले रही है.
बिस्तर छोड़ते ही संतुलन बिगड़ने के मुख्य कारण
रात में कई घंटों तक सीधे लेटे रहने के बाद शरीर और रक्त संचार उसी स्थिति के आदी हो जाते हैं. ऐसे में अचानक मुद्रा बदलने पर शरीर तुरंत तालमेल नहीं बिठा पाता.
-
AI नहीं खा सकता है आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026: राज्यों के बीच हो CEO जैसी रेस... देश की अर्थव्यवस्था पर बोले निखिल कामत -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
"AI को वैसा पुराना कंप्यूटर मत समझो..." स्वामी सर्वप्रियानंद ने चेतावनी -
NDTV World Summit 2026: बॉलीवुड से ग्लोबल स्टेज तक, Mohini Dey के 20 साल के सफर की अनसुनी बातें -
'सेहत को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी..' लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी राजीव मेहता की काम की सलाह -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: Africa50 से कैसे बदल रही है अफ्रीका की तस्वीर? CEO जलाल खिमजी ने बताया -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह -
क्या AI इस जमाने का असुर है? न्यू यॉर्क वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने दिया जवाब -
'खुशनसीब हूं कि भारत में पैदा हुई, जहां मस्जिद और मंदिर एक साथ मौजूद हैं', NDTV वर्ल्ड समिट 2026 में मोहिनी डे
अचानक खड़े होने पर बीपी में गिरावट: जैसे ही कोई व्यक्ति तेजी से उठता है, ग्रेविटी के चलते खून का प्रवाह पैरों की ओर होने लगता है. दिमाग तक पर्याप्त खून पहुंचे, उससे पहले ही कुछ पलों के लिए ब्लड प्रेशर गिर जाता है. चिकित्सा विज्ञान में इसे ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन कहते हैं. यही वजह है कि सिर हल्का महसूस होने लगता है और दृष्टि धुंधली हो जाती है.
रातभर पानी न पीने से डिहाइड्रेशन: छह से आठ घंटे की नींद के दौरान हम पानी नहीं पीते. शरीर में तरल की कमी होने से खून की मात्रा घट जाती है, जिससे सुबह उठते ही रक्तचाप कम होने और चक्कर आने का जोखिम बढ़ जाता है.
खाली पेट शुगर का स्तर घटना: यदि रात का भोजन बहुत जल्दी कर लिया गया हो या व्यक्ति डायबिटीज की दवाएं ले रहा हो, तो सुबह के समय ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा नीचे आ सकता है. इससे शरीर में कंपकंपी और सिर घूमने लगता है.
कान की गड़बड़ी: हमारे शरीर का संतुलन बनाए रखने में भीतरी कान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. कान के अंदर मौजूद तरल या बारीक तंत्र में किसी संक्रमण या असंतुलन की वजह से भी यह परेशानी पैदा हो सकती है.
Also Read: रसोई में खड़े खड़े सूज रहे हैं पैर? नीली नसों को सिर्फ दिनभर की थकान समझने की भूल मत कीजिए
शारदाकेयर - हेल्थसिटी में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसलटेंट डॉ. नीरज कुमार बताते हैं-
सुबह की इस समस्या से बचाव के जरूरी उपाय
अपनी दिनचर्या में कुछ सरल और समझदारी भरे बदलाव लाकर आप इस परेशानी से बच सकते हैं.
उठने में जल्दबाजी न करें: जागते ही झटके से सीधे खड़े होने से बचें. पहले करवट लें, फिर आराम से बिस्तर पर दो मिनट पैर लटकाकर बैठें. जब सिर पूरी तरह स्थिर लगे, तभी खड़े होकर आगे बढ़ें.
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं: रात को सोने से पहले और सुबह उठने के तुरंत बाद एक गिलास सादा पानी अवश्य पिएं. इससे शरीर में रक्त संचार सही बना रहता है.
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं: अगर आप उच्च रक्तचाप या मधुमेह से पीड़ित हैं, तो समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श लेते रहें और उनकी अनुमति के बिना दवाओं में कोई बदलाव न करें.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं