जब भी ब्रेस्ट कैंसर की बात होती है, तो अधिकतर लोगों में मन में यही धारणा आती है कि ये सिर्फ ज्यादा उम्र की महिलाओं को होती है. लेकिन सच्चाई ये है कि आज के समय में कम उम्र की महिलाएं भी इससे प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि, कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर होने का रिस्क थोड़ा कम होता है, फिर भी शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को इग्नोर करना बड़ी गलती साबित हो सकती है. इस विषय को लेकर हमने नारायणा हॉस्पिटल की मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अदिति मित्तल से बातचीत की.
डॉ. अदिति मित्तल का कहना है कि यंग वुमेन का कहना है कि कुछ मामलों में 30 की उम्र से पहले भी ब्रेस्ट कैंसर देखे गए हैं. अगर आप सतर्क रहना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे जरूरी है कि अपने ब्रेस्ट के सामान्य आकार, बनावट और महसूस होने वाले बदलावों पर (Breast Cancer Symptoms in Young Women) ध्यान दें. अगर ब्रेस्ट या बगल में नई गांठ महसूस हो, ब्रेस्ट की शेप अचानक बदल जाए, स्किन पर सिकुड़न या गड्ढे दिखें, निप्पल अंतर की ओर मुड़ने लगे या उससे असामान्य डिस्चार्ज हो, तो डॉक्टर तुरंत सलाह लें.
फैमिली हिस्ट्री को हल्के में न लें
डॉक्टर कहती हैं कि अगर परिवार में मां, बहन या बेटी को ब्रेस्ट या ओवेरियन कैंसर रहा है मुख्य रूप से कम उम्र में, तो ये आपके रिस्क को प्रभावित कर सकता है. BRCA1 और BRCA2 जैसे कुछ जीन में बदलाव भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं. हालांकि, परिवार में किसी को कैंसर न होने का मतलब ये नहीं कि बीमारी का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है.
खुद भी रख सकती हैं नजर
महिलाएं समय-समय पर आईने के सामने खड़े होकर ब्रेस्ट में किसी नए बदलाव को देख सकती हैं. नहाते समय या लेटकर हल्के हाथों से ब्रेस्ट और बगल की जांच कर सकती हैं. इसका उद्देश्य कैंसर का पता लगाना नहीं, बल्कि अपने शरीर को बेहतर तरीके से समझना है ताकि कोई नया बदलाव दिखे तो समय रहते डॉक्टर से संपर्क किया जा सके.
उम्र के भरोसे न रहें
यंग वुमेन में ब्रेस्ट टिश्यू अधिक घना हो सकता है, जिससे कुछ जांचों में बदलाव पकड़ना मुश्किल हो सकता है. इसलिए अगर कोई गांठ या असामान्य बदलाव महसूस हो तो सिर्फ यह सोचकर नजरअंदाज न करें कि आपकी उम्र कम है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर उपयुक्त जांच की सलाह दे सकते हैं.
स्वस्थ जीवनशैली भी है जरूरी
नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, स्वस्थ वजन बनाए रखना और शराब के सेवन से बचना न सिर्फ ब्रेस्ट कैंसर बल्कि कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है. डॉ. मित्तल कहती हैं कि कम उम्र होना ब्रेस्ट कैंसर से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है. वहीं, हर गांठ या बदलाव कैंसर भी नहीं होता. इसलिए डरने के बजाय जागरूक रहें और शरीर में दिखने वाले किसी भी नए या लगातार बने रहने वाले बदलाव को गंभीरता से लें. समय पर पहचान और इलाज बेहतर परिणाम देने में अहम भूमिका निभाते हैं.
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