डायबिटीज में खानपान का सीधा असर ब्लड शुगर पर पड़ता है. कई लोग मानते हैं कि फलों का जूस हेल्दी होता है, इसलिए इसे बेझिझक पी सकते हैं. लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है. यशोदा हॉस्पिटल्स, हाईटेक सिटी, हैदराबाद की कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. विद्या टिक्कू का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए कोई भी जूस पूरी तरह फ्री या बिना असर वाला नहीं होता. अधिकतर फलों के जूस में फाइबर नहीं होता और उनमें मौजूद नैचुरल शुगर तेजी से ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं. ऐसे में हमें शुगर में इश तरह के जूस का सेवन करना चाहिए, जिसमें शुगर की मात्रा न के बराबर हो. यहां जानते है कुछ ऐसे जूस के बारे में जो आप शुगर में भी पी सकते हैं. आइए जानते हैं-
डायबिटीज में कौन सा जूस पी सकते हैं?
डॉ. विद्या टिक्कू का कहना है कि अगर कभी जूस पीने की इच्छा हो, तो बिना चीनी वाले फ्रेश सब्जियों का जूस आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जिसमें शामिल है-
टमाटर का जूस
खीरे का जूस
करेला जूस
आंवला जूस
जूस पीते समय इस बात का ध्यान रखें कि ये जूस फ्रेश बने हों और इनमें किसी भी तरह की चीनी, नमक या फलों का मिश्रण न हो.
टमाटर का जूस शुगर में कैसे फायदेमंद?
टमाटर का जूस शुगर मरीजों के लिए अन्यू जूस की तुलना में एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसकी वजह ये है कि इसमें शुगर की मात्रा कम होती है और ये लाइकोपीन (Lycopene) जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. लाइकोपीन शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है और हमारे पूरे शरीर के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
शुगर में कितनी मात्रा में पिएं जूस?
डॉ. विद्या कहती हैं कि शुगर में सिर्फ सही जूस चुनना जरूरी नहीं होता है. उसकी सही मात्रा पर भी ध्यान देना उतना ही जरूरी होता है. उनका कहना है कि एक बार में लगभग 100 से 150 मिलीलीटर जूस ही पीना चाहिए. साथ ही इसे खाली पेट पीने के बजाय खाने के साथ लेना ज्यादा अच्छा विकल्प होता है. इससे ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी का रिस्क कम हो सकता है.
शुगर में कौन से जूस नहीं पीना चाहिए?
शुगर के मरीजों को कुछ जूस से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, जैसे-
- पैकेज्ड फ्रूट जूस
- आम का जूस
- अंगूर का जूस
- ज्यादा चीनी वाले जूस
- मीठे फलों से बने जूस
डॉक्टर बताती हैं कि अगर आप इनमें किसी भी जूस का सेवन करते हैं, तो इससे शुगर की मात्रा ज्यादा हो सकती है. इससे शरीर में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ सकता है.
शुगर में जूस से बेहतर है फल खाना
डॉ. विद्या टिक्कू कहती हैं कि जूस की तुलना में साबुत फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि उनमें फाइबर मौजूद रहता है. इसके अलावा पानी, छाछ और बिना चीनी वाली चाय भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है, जो लोग इंसुलिन या शुगर कम करने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें जूस को नियमित डाइट का हिस्सा बनाने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए.
ये भी पढ़ें - खाना खाने के 3 घंटे बाद शुगर कितनी होनी चाहिए? समझें पूरा गणित
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं