घर में जब भी खाने-पीने की चीजें जब हम खुला छोड़कर भूल जाते हैं, तो सबसे पहले हमारे दिमाग में यही ख्याल आता है कि कहीं इसमें छिलकली न गिर जाए. क्योंकि ऐसा अक्सर लोगों को कहते हुए सुना जाता है कि जिस खाने में छिपकली गिर जाए, वो खाना जहर बन जाता है. क्या इस बात में किसी तरह की सच्चाई है? इसका जवाब हां भी है और ना भी. दरअसल, दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जहां पर छिपकली खाई भी जाती है. थाईलैंड के कुछ हिस्सों में छिपकली से तैयार डिशेज का सेवन किया जाता है. ऐसे में ये कहना गलत हो सकता है कि छिपकली में जहर होता है.
हालांकि, छिपकलियों की कुछ ऐसी प्रजातियां हैं, जिसमें जहर होती हैं. वहीं, छिपकली की स्किन पर कई तरह के बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीव होते हैं, जिससे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है. यहां हम आपको बिस्तार से बताएंगे कि अगर किसी खाने में छिपकली गिर जाए, तो क्या करना चाहिए और छिपकली खाने से क्या होगा और किस छिपकली में जहर होता है?
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छिपकली खाने में गिर जाए, तो क्या करें?
अगर किसी खाने में छिपकली गिर जाए, तो सबसे पहला कदम उस खाने को तुरंत फेंक दें. सिर्फ छिपकली निकालकर खाने को खाना सुरक्षित नहीं होता है. जिस बर्तन में खाना रखा था, उसे गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं. अगर किसी व्यक्ति ने गलती से ऐसा खाना खा लिया, तो ये जहर नहीं बनता है. इसकी वजह से कुछ परेशानियां हो सकती हैं, जिसमें उल्टी, जी मिचलाना, पेट दर्द, दस्त, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों. अगर इस तरह के संकेत दिखे, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
ध्यान रखें कि हर मामले में गंभीर विषाक्तता नहीं होती, लेकिन दूषित खाना खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय है. खाने को हमेशा ढककर रखें, किचन की नियमित सफाई करें और घर में छिपकलियों को दूर रखने के उपाय अपनाएं. इससे ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है और परिवार की सेहत भी सुरक्षित रहती है.
छिपकली खाने से क्या होगा?
घर के अंदर पाई जाने वाली छिपकलियां जहरीली नहीं होती हैं. हालांकि, इसके स्किन पर कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं. ऐसे में इसके खाने या फिर गलती से किसी खाने में चला जाए और आप उसे खा लें, तो इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इस स्थिति में पेट दर्द, जी मिचलाना, चक्कर आना जैसी परेशानी हो सकती है. हालांकि, हर केस में ऐसा हो ये जरूरी नहीं होता है.
कौन सी छिपकली में जहर होता है?
छिपकलियां हजारों प्रजातियों की होती हैं. कुछ रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में करीब 6 हजार प्रजाती की छिपकलियां हैं, जिसमें सिर्फ 2 ही तरह की छिपकलियां जहरीली होती हैं. हमारे देश में पाई जाने वाली छिपकलियों में जहर नहीं होता है.
अमेरिका के दक्षिण-पश्चिम और मैक्सिको में पाई जाने वाली गीला मॉन्स्टर छिपकली विषैली होती है. वहीं, मैक्सिको और उत्तरी अमेरिका के क्षेत्रों में पाई जाने वाली मैक्सिकन बीडेड छिपकली जहरीली होती हैं. इन दोनों ही छिलकलियों में विष ग्रंथियां होती हैं.
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