Vakratunda Sankashti Chaturthi 2026: हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस दिन गणेश जी की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और विघ्न से छुटकारा मिलता है. इस व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देकर किया जाता है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी कब मनाई जाएगी. आइए जानते हैं इसकी सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि.
कब है वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी?
वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी का व्रत कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार ये तिथि 29 अक्टूबर को सुबह 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 29 अक्टूबर को रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा. ऐसे में वक्रतूंड संकष्टी चतुर्थी 29 अक्टूबर दिन गुरुवार को रखा जाएगा.
-
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया बुलेट ट्रेन में देरी की क्या रहीं वजहें, जापानी मंत्री के आरोपों का दिया जवाब -
AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर -
NDTV World Summit 2026: सेमीकंडक्टर, AI और बुलेट ट्रेन पर क्या है भारत का मेगा प्लान? अश्विनी वैष्णव ने बताया -
NDTV World Summit | हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने दी चेतावनी -
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स -
भारत में कब बनेगी 'मेड इन इंडिया' चिप? NDTV World Summit में अश्विनी वैष्णव ने बताया -
हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने भारत में दी सबसे बड़ी चेतावनी -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को क्यों पसंद हैं SRK? किस फिल्म के रीमेक में करना चाहती हैं काम? -
Shashi Tharoor EXCLUSIVE: NDTV World Summit 2026 में बदलते वर्ल्ड ऑर्डर पर शशि थरूर क्या बोले? -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद हैं शाहरुख खान, बोलीं- ‘ओम शांति ओम’ के रीमेक में करना चाहती हूं काम
क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त?
वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी का पूजा मुहूर्त शाम में 5 बजकर 38 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में सभी भक्त गणपति बप्पा की पूजा कर सकते हैं.
चंद्रोदय का समय
पंचांग के अनुसार 29 अक्टूबर 2026 को रात करीब 8:17 बजे चंद्रमा उदय हो सकता है. साथ ही करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा निकलने से पहले शाम के समय भगवान गणेश की पूजा कर सकती हैं. इसके बाद चंद्र दर्शन होन पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर सकती हैं.
वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पूजा की तैयारी करें.
- पूरे घर की सफाई करें, खासकर पूजा घर की.
- एक लकड़ी की चौकी पर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.
- देसी घी का दीपक जलाएं, भगवान को हल्दी का तिलक लगाएं, माला और दूर्वा अर्पित करें और लड्डू का भोग लगाएं.
- फल (खासकर केला) और मीठा पान अर्पित करें तथा पानी से भरा कलश रखे.
- एकदंत संकष्टी चतुर्थी की कथा और विनायक जी की कथा पढ़ें या सुनें.
- भगवान गणेश के मंत्र का 108 बार जप करें.
यह भी पढ़ें: तेजी से आगे बढ़ना है तो याद रखें चाणक्य नीति की ये 3 बातें
यह भी पढ़ें: Diwali 2026: दीवाली पर मुख्य द्वार पर क्यों लगाए जाते हैं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न? जानिए धार्मिक महत्व
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं