सऊदी ने हज कोटा 5000 बढ़ाया
- सऊदी अरब ने बढ़ाया हज कोटा
- 2018 में 3.55 लाख आवेदन प्राप्त हुए
- लकी ड्रॉ से लिया जाएगा फैसला
नई दिल्ली:
इस्लाम धर्म के 5 स्तंभों में से एक है हज. ऐसा माना जाता है कि हर मुस्लिम को जीवन में एक बार हज पर जाना चाहिए. इसी वजह से हज यात्रा का इतना महत्व होता है. जो लोग हज नहीं जा पाते वो वहां जाने वाले बंदों के हाथों अल्लाह को पैगाम भेजते हैं. लेकिन अब ऐसा कम ही लोगों को करना पड़ेगा, क्योंकि भारत के हज कोटे में 5000 यात्रियों की वृद्धि कर दी है.
अल्लाह के इस आदेश की वजह से हज यात्री शैतान को मारते हैं पत्थर
आपको बता दें सऊदी अरब ने भारत के हज कोटे में 5000 की वृद्धि कर दी है. यानी अब इतने अतिरिक्त हजयात्री हज पर जा सकेंगे. सरकार ने मंगलवार को इसकी घोषणा की. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा सऊदी के हज व उमराह मंत्री मोहम्मद सालेह बिन ताहेर बेनतेन के साथ द्विपक्षीय वार्षिक हज समझौता 2018 पर हस्ताक्षर के कुछ दिनों बाद सऊदी अरब का यह फैसला आया है.
इन 3 नियमों को पालन ना करने पर पूरी नहीं होती जुमे की नमाज
अल्पसंख्यक मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा समय में कुल 1.75 लाख भारतीय नागरिक हज पर जा सकते हैं. बीते साल सऊदी अरब ने भारत के हज कोटे में 35,000 की वृद्धि की थी.
इस्लाम में 786 अंक शुभ क्यों माना जाता है?
नकवी ने कोटे में बढ़ोतरी का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता व भारत के सऊदी अरब से मजबूत होते संबंधों को दिया है. नकवी ने कहा कि तीन साल पहले यह कोटा 1.36 लाख था.
सऊदी अरब ने भारत के समुद्री मार्ग के जरिए हज यात्रियों को भेजने के फैसले को भी मंजूरी दी है. इस संदर्भ में दोनों देशों के अधिकारी जल्द ही जरूरी औपचारिकताओं पर चर्चा करेंगे.
हज के लिए 2018 में 3.55 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं. भारतीय हज समिति लकी ड्रॉ के जरिए हज यात्रा पर जाने वालों के नाम तय करेगी.
हालांकि, करीब 1,300 मुस्लिम महिलाओं ने हज के लिए बिना मेहरम (पुरुष अभिभावक) के जाने के लिए आवेदन किया है. उन्हें लकी ड्रॉ से बाहर रखा जाएगा और सभी को हज पर जाने दिया जाएगा.
देखें वीडियो - लखनऊ में हज समिति के ऑफिस पर भी भगवा रंग
अल्लाह के इस आदेश की वजह से हज यात्री शैतान को मारते हैं पत्थर
आपको बता दें सऊदी अरब ने भारत के हज कोटे में 5000 की वृद्धि कर दी है. यानी अब इतने अतिरिक्त हजयात्री हज पर जा सकेंगे. सरकार ने मंगलवार को इसकी घोषणा की. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा सऊदी के हज व उमराह मंत्री मोहम्मद सालेह बिन ताहेर बेनतेन के साथ द्विपक्षीय वार्षिक हज समझौता 2018 पर हस्ताक्षर के कुछ दिनों बाद सऊदी अरब का यह फैसला आया है.
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अल्पसंख्यक मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा समय में कुल 1.75 लाख भारतीय नागरिक हज पर जा सकते हैं. बीते साल सऊदी अरब ने भारत के हज कोटे में 35,000 की वृद्धि की थी.
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नकवी ने कोटे में बढ़ोतरी का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता व भारत के सऊदी अरब से मजबूत होते संबंधों को दिया है. नकवी ने कहा कि तीन साल पहले यह कोटा 1.36 लाख था.
सऊदी अरब ने भारत के समुद्री मार्ग के जरिए हज यात्रियों को भेजने के फैसले को भी मंजूरी दी है. इस संदर्भ में दोनों देशों के अधिकारी जल्द ही जरूरी औपचारिकताओं पर चर्चा करेंगे.
हज के लिए 2018 में 3.55 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं. भारतीय हज समिति लकी ड्रॉ के जरिए हज यात्रा पर जाने वालों के नाम तय करेगी.
हालांकि, करीब 1,300 मुस्लिम महिलाओं ने हज के लिए बिना मेहरम (पुरुष अभिभावक) के जाने के लिए आवेदन किया है. उन्हें लकी ड्रॉ से बाहर रखा जाएगा और सभी को हज पर जाने दिया जाएगा.
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