जम्मू-कश्मीर की अमरनाथ गुफा में आने वाले श्रद्धालुओं को अब चिकित्सीय प्रमाणपत्र देना होगा. वहीं 13 से कम एवं 75 से अधिक आयु के लोगों को यहां आने की अनुमति नहीं दी जाएगी. श्री अमरनाथ मंदिर बोर्ड (एसएएसबी) ने एक परामर्श जारी कर कहा है कि तीर्थ यात्रा की अनुमति के लिए हर तीर्थयात्री को एक आवेदन पत्र और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (सीएचसी) जमा कराना होगा.
आवेदन पत्र और सीएचसी का प्रारूप, डॉक्टरों की सूची:सीएचसी देने के लिए अधिकृत चिकित्सीय संस्थानों की जानकारी एसएएसबी की वेबसाइट पर दी गई है. परामर्श में बताया गया है कि एक व्यक्ति केवल एक ही पंजीकरण करा सकता है.
उन्होंने कहा कि अभी 13 से कम एवं 75 से अधिक आयु वाले लोगों और छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा के लिए पंजीकृत करवाने की अनुमति नहीं है. अमरनाथ गुफा श्रीनगर से 141 किलोमीटर दूर और 12,756 फीट की उंचाई पर स्थित है. इस साल तीर्थयात्रा 26 जून से शुरू होकर सात अगस्त तक चलेगी.
आवेदन पत्र और सीएचसी का प्रारूप, डॉक्टरों की सूची:सीएचसी देने के लिए अधिकृत चिकित्सीय संस्थानों की जानकारी एसएएसबी की वेबसाइट पर दी गई है. परामर्श में बताया गया है कि एक व्यक्ति केवल एक ही पंजीकरण करा सकता है.
उन्होंने कहा कि अभी 13 से कम एवं 75 से अधिक आयु वाले लोगों और छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को तीर्थयात्रा के लिए पंजीकृत करवाने की अनुमति नहीं है. अमरनाथ गुफा श्रीनगर से 141 किलोमीटर दूर और 12,756 फीट की उंचाई पर स्थित है. इस साल तीर्थयात्रा 26 जून से शुरू होकर सात अगस्त तक चलेगी.
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