फिल्मी गीत-संगीत और गानों की बात होती है तो मां-बाप, भाई-बहन, प्रेमी-प्रेमिका, देशभक्ति और ना जाने किस किस चीज पर गाने बने हैं जो कि काफी पसंद भी किए गए. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गाने के बारे में बताने जा रहे हैं जो खटमल पर बना. ऐसा लगता है कि इतिहास में शायद ही कोई ऐसा गाना हो जो खटमल के लिए बनाया गया और पूरे गाने में केवल उसी से बातचीत की गई हो. ये गाना भी किसी बी ग्रेड फिल्म में नहीं बल्कि उस दौर के सुपरस्टार देव आनंद और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था. इस खटमल गीत को गाया था किशोर कुमार ने.
1973 में आई फिल्म छुपा रुस्तम का गाना 'धीरे से जाना खटियन में ओ खस्टमाल' बॉलीवुड के सुनहरे दौर का एक बेहद खास और मजेदार गाना है. यह गाना सिर्फ रोमांस या दर्द के इर्द गिर्द नहीं बल्कि हल्की-फुल्की मस्ती, कॉमेडी और प्यार का एक अतरंगी मिक्स है. किशोर कुमार ने अपमी मखमली आवाज में इसे यूं गाया कि जब आप इसे सुनते हैं तो ये एक कविता सा लगता है और लगता ही नहीं कि बात खटमल से हो रही है. किशोर दा का अंदाज और एस.डी.बर्मन की मधुर धुन और सबसे ऊपर नीरज के लिखे चतुराई से भरे शब्दों ने इसे कालजयी बना दिया.
यह गाना बॉलीवुड के इतिहास में शायद ऐसा इकलौता है जो खटमाल पर लिखा गया है. नीरज ने आमतौर पर लोगों के गुस्से का शिकार होने वाले खटमल को इतनी पोएटिक और कॉमेडी बना दिया कि वह रोमांटिक भी लगने लगा. एस.डी.बर्मन की धुन में बंगाली लोक संगीत की झलक है, लेकिन किशोर कुमार ने अपने अनोखे स्टाइल, हल्के ठहाकों और कहने के अंदाज से इसे पूरी तरह अपना बना लिया. गायकी और म्यूजिक के अलावा स्क्रीन पर नजर आ रहे देव साहब को कैसे भूला जा सकता है. उनकी स्टाइलिश अदाएं और हेमा मालिनी की खूबसूरती के साथ यह सीन आज भी यादगार है. इस गाने में प्यार की शिकायत, हल्की नसीहत और मस्ती का मिक्स है जो सुनने वाले के चेहरे पर स्माइल ला देता है.
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