
कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने गुरुवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में अमेठी में प्रचार के दौरान अपने साथ चल रहे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के वाहनों को अपने काफिले से अलग कर दिया और दूसरे रास्ते से चली गईं।
पुलिस अधीक्षक हीरालाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रियंका ने गौरीगंज के नजदीक गांधीनगर में अपनी गाड़ी से उतरकर आगे और पीछे चल रही एसपीजी की गाड़ियों को रुकवा दिया और प्रचार के लिए तिलाई विधानसभा क्षेत्र के मोहनगंज की तरफ चली गईं।
उन्होंने बताया कि प्रियंका को कासिमपुर के पास शाहमऊ में जनसभा को संबोधित करना था, लेकिन उन्होंने रास्ता बदल दिया। इस बीच, गृह विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रियंका गांधी एसपीजी को छोड़कर आगे चली गईं, यह चिंताजनक है।
गौरतलब है कि प्रियंका को सुबह 10 बजे मुंशीगंज गेस्ट हाउस से निकलना था, लेकिन वह साढ़े 11 बजे के करीब निकलीं। बताया जाता है कि प्रियंका एसपीजी के अधिकारियों के जनता के प्रति व्यवहार से नाराज थीं। सूत्रों के मुताबिक संग्रामपुर में कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंटी सिंह को प्रियंका की जनसभा के दौरान एसपीजी के दो जवानों ने हाथ पकड़कर बाहर कर दिया था।
इसके अलावा गत 12 अप्रैल को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अमेठी से नामांकन के दौरान एसपीजी के अधिकारियों ने माला पहनाने के लिए आगे बढ़ रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री धर्मेन्द्र शुक्ला को कथित रूप से मारा-पीटा था।
इसका लोगों ने काफी विरोध करते हुए प्रियंका तथा राहुल से इसकी शिकायत की थी। विपक्षी दलों के प्रत्याशी प्रियंका पर एसपीजी जैसे वीवीआईपी सुरक्षा घेरे में चलने को लेकर उन पर तंज कसते रहे हैं।
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