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This Article is From Jan 23, 2015

कुमार विश्वास ने साधा किरण बेदी पर निशाना

कुमार विश्वास की फाइल तस्वीर

नई दिल्ली:

दिल्ली में भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी पर निशाना साधते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के नेता कुमार विश्वास ने आज आरोप लगाया कि वह (किरण बेदी) लोकपाल आंदोलन के दौरान भाजपा पर हमले के खिलाफ थीं। विश्वास के इस आरोप पर कांग्रेस ने ‘आप’ की कड़ी आलोचना करते हुए पार्टी पर आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी से उसके 'करीबी रिश्ते' हैं।

विश्वास ने दावा किया कि बेदी ने केजरीवाल सहित ‘आप’ के कई नेताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भाजपा शासित राज्यों में हो रहा कथित भ्रष्टाचार सामने न आए। आप नेता ने कहा, 'भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान कुछ लोग ऐसे भी थे, जिनकी राय थी कि भाजपा पर हमला नहीं किया जाना चाहिए। लोकपाल आंदोलन समाप्त हो जाने के बाद भी आपने किरण बेदी को अक्सर यह कहते सुना होगा कि राजनीति में कम बुरे को चुना जाता है।'

विश्वास ने संवाददाताओं से कहा, 'जब ‘आप’ बनी भी नहीं थी, उस वक्त 2012 में केजरीवाल ने अपने पहले इंटरव्यू में कहा था कि हमने बेदी जी से बात की है और वह भाजपा पर किसी तरह के हमले के खिलाफ हैं।’ उन्होंने कहा, 'कोयला घोटाला सामने आने के बाद हमने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी के आवास के बाहर प्रदर्शन किए और नितिन गडकरी के घर के बाहर भी प्रदर्शन किया। गडकरी के घर के बाहर हुए प्रदर्शन में बेदी को भी आना था पर वह नहीं आईं।'

वहीं कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने केजरीवाल और बेदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान दोनों सिर्फ कांग्रेस को निशाना बना रहे थे। उन्होंने कहा, 'वे चुने हुए निशाने साध रहे थे। वह भाजपा शासन के दौरान कर्नाटक में कथित खनन घोटाले के बारे में बात करने को तैयार नहीं थे। ‘आप’ भाजपा विरोधी ताकत होने का दावा कैसे कर सकती है जबकि ऐसी अफवाह थी कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन भाजपा की बी-टीम थी।'

इस पर भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि ‘आप’ अब 'राजनीति से प्रेरित आरोप लगाने की कोशिश कर रही है। अरविंद केजरीवाल को इस बात का जवाब देना चाहिए कि उन्होंने सोनिया गांधी की राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में जगह पाने के लिए दिग्विजय सिंह के साथ लॉबिंग क्यों की थी।'

कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि चीजें अब साफ हो रही हैं कि 'केजरीवाल, बेदी और जनरल वीके सिंह अन्ना हजारे को भाजपा पर नरम रूख अपनाने और सिर्फ कांग्रेस के खिलाफ बोलने के लिए तैयार कर रहे थे।'

विश्वास ने बेदी की आलोचना ऐसे समय में की है, जब एक दिन पहले ही ‘आप’ के संस्थापक सदस्यों में से एक शांति भूषण ने केजरीवाल को दिल्ली चुनावों के बाद पार्टी प्रमुख के पद से हटाने की मांग की और बेदी की जमकर तारीफ की है। बेदी से जब यह पूछा गया कि क्या उन्होंने टीम अन्ना को प्रभावित करने की कोशिश की थी, इस पर भाजपा नेता ने कोई जवाब नहीं दिया।

शांति भूषण द्वारा की गई अपनी तारीफ पर बेदी ने कहा कि उन्होंने एसएमएस के जरिए उनका शुक्रिया अदा किया है और संभव हुआ तो वह उनसे मुलाकात करेंगी। बेदी ने कहा, 'मेरे दफ्तर ने उन्हें मेसेज भेजकर उनसे व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात का समय मांगा है। मैं उनसे मिलना चाहती हूं। जब भी वह बुलाएंगे तो मैं उनसे मिलने जाउंगी।'

इससे पहले, भूषण ने कहा कि बेदी से मिलने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि 'हम दो अलग-अलग पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं।' उन्होंने कहा कि बेदी को चुनाव प्रचार पर ध्यान देना चाहिए।

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