
राहुल गांधी और कांग्रेस पर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने रविवार को चुनाव आयोग के समक्ष उनकी (राहुल) उस टिप्पणी की शिकायत की, जिसमें महात्मा गांधी की हत्या से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जोड़ा गया। बीजेपी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष पर कार्रवाई करने और कांग्रेस की मान्यता समाप्त करने की मांग भी की।
मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत को सौंपे ज्ञापन में बीजेपी ने राहुल और उनकी पार्टी पर 'आदतन' चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन करने और चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने वाला बताया।
ज्ञापन के अनुसार, ऐसी प्रार्थना की जाती है कि चुनाव आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और आचार संहित के बार-बार उल्लंघन के लिए राष्ट्रीय पार्टी के रूप में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मान्यता वापस ले लिया जाए।
बीजेपी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण का पूरा स्वर लोगों की भावनाओं को भड़काना और बीजेपी एवं आरएसएस के प्रति घृणा फैलाना था। उन्होंने कहा कि उनके बयान से स्पष्ट था कि वह लोगों के मन में ऐसी गलत एवं आधारहीन बात डालना चाह रहे है कि बीजेपी हिंदुओं एवं मुसलमानों तथा अन्य समुदायों के बीच टकराव एवं वैमनस्य पैदा करती है।
नकवी ने ज्ञापन में कहा, राहुल गांधी का इरादा उनकी (महात्मा गांधी की) मौत के लिए गलत तरीके से आरएसएस को जिम्मेदार ठहराकर लोगों की भावनाएं भड़काना और हिंदुओं, मुसलमानों और अन्य समुदायों के बीच यह भय पैदा करना है कि बीजेपी इनके बीच तनाव पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बयान न केवल गलत, अमर्यादित, निंदनीय और आधारहीन है, बल्कि चुनाव आदर्श आचार संहिता एवं स्थापित लोकतांत्रिक मूल्यों का भी उल्लंघन है।
नकवी ने कहा, यह बीजेपी, आरएसएस और उसके सदस्यों का चरित्रहनन करके देश के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास है, जो पूरी तरह से गलत, आधारहीन आरोपों एवं दुष्प्रचार पर आधारित है। बीजेपी ने अपने ज्ञापन में कहा कि कांग्रेस ने अभी तक अपने उपाध्यक्ष के बयान से अपने आपको अलग नहीं किया है, बल्कि कांग्रेस सदस्यों ने सक्रियता से इसका समर्थन किया और सभी सार्वजनिक मंचों पर इसका बचाव किया। बीजेपी ने मांग की कि राष्ट्रीय पार्टी के रूप में कांग्रेस की मान्यता वापस ली जाए।
नकवी ने कहा कि यह भाषण आदर्श चुनाव आचार संहित के उल्लंघन का अकेला मामला नहीं है, बल्कि पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने इसी तरह का बयान दिया और चुनाव आयोग ने उनसे इस पर अप्रसन्नता व्यक्त की थी और चुनाव प्रचार के दौरान अधिक सजग रहने की सलाह दी थी।
ज्ञापन के अनुसार, अभी तक राहुल गांधी की बातों को वापस नहीं लिया गया है और उनका भड़काऊ बयान लोगों में घृणा फैलाता है, जो आचार संहिता का उल्लंधन है। नकवी ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीने में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की ओर से आचार संहिता के उल्लंघन का छठा मामला है, जिसमें पांच मामले राहुल गांधी से जुड़े हैं।
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