अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में मेयर के पास काफी ज्यादा पावर्स होती हैं, यही वजह है कि हर बार मेयर चुनाव के लिए तमाम नेता जोर लगाते हैं और लोगों का दिल जीतने की कोशिश करते हैं. इस बार भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने ये काम कर दिखाया, वो न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने और इसके बाद से ही चर्चा में रहते हैं. अब ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को बैन करने का फैसला लिया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि जोहरान ममदानी कौन हैं और उनका अमेरिका में सफर कैसा रहा.
अमेरिका में नहीं जन्मे जोहराम ममदानी
जोहरान ममदानी अमेरिका में पैदा नहीं हुए थे. उनका जन्म साल 1991 में युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ. ममदानी इंडियन-अमेरिकन फिल्म डायरेक्टर मीरा नायर और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर महमूद ममदानी के बेटे हैं. उनके पिता केपटाउन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे. जब ममदानी की उम्र सात साल थी, तब वो अपने परिवार के साथ अमेरिका आ गए थे. ममदानी ने यहां के ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस से अपनी पढ़ाई की और फिर 2014 में बोडन कॉलेज में एडमिशन लिया. यहां से ममदानी ने बैचलर इन अफ्रीकन स्टडीज में ग्रेजुएशन किया.
ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर
जोहरान ममदानी ने शुरुआत में राजनीति में कदम नहीं रखा, बल्कि वो सोशल वर्क करने लगे. उन्होंने न्यूयॉर्क में घर जब्ती मामलों के सलाहकार के तौर पर काम किया और कम आय वाले गरीब लोगों की मदद करनी शुरू कर दी. इसके बाद उनकी राजनीति में दिलचस्पी शुरू हुई और उन्हें लगा कि वो पॉलिसी मेकर बनकर लोगों की ज्यादा मदद कर सकते हैं. इसके बाद ममदानी ने 2020 में अपना पहला चुनाव लड़ा और जीतकर न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में सोशलिस्ट प्रतिनिधि बने. इसके बाद उन्होंने जनवरी 2026 में न्यूयॉर्क के मेयर का चुनाव भी जीत लिया और इतिहास रच दिया.
ममदानी को भारत और हिंदी भाषा से भी खूब लगाव है, उन्होंने अपने चुनावी कैंपेन के दौरान खूब हिंदी फिल्मों के डायलॉग के साथ रील बनाई. इसके अलावा हिंदी गाने भी पोस्ट किए. इसने भारतीय मूल के लोगों को उनकी तरफ खींचा और इस बड़े वोट बैंक का उन्हें पूरा सपोर्ट मिला.
क्यों लगाया स्कूलों में एआई पर बैन?
ममदानी ने न्यूयॉर्क के सरकारी स्कूलों में एआई पर बैन लगाने का फैसला किया है. उनका मानना है कि बच्चों को एआई की आदत शुरू से ही डालना गलत है, उन्हें एआई नहीं, बल्कि शिक्षकों का मार्गदर्शन चाहिए. ये बैन एक साल के लिए लगाया गया है, जिसके बाद रिव्यू किया जाएगा और देखा जाएगा कि इसका कितना फायदा हुआ है. ममदानी ने अमेरिका जैसे देश में ये बड़ा फैसला लिया है.
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