नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं.
100 से ज्यादा रेस्क्यू फ्लाइट्स
हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा.
प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता.
शवों को देखना बेहद मुश्किल
प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने बताया कि जब भी वो रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर उतारती हैं तो लोग उनकी तरफ उम्मीद से देखते हैं और वो उन्हें कहती हैं कि आप सुरक्षित हैं.
कौन हैं प्रिया अधिकारी?
प्रिया अधिकारी नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर कैप्टन हैं. उन्होंने Environmental Science की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है.
ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं.
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