- वरनाली डेका असम-मेघालय कैडर की पहली महिला IAS हैं, जो केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव स्तर तक पहुंची हैं.
- वरनाली डेका ने दो बार UPSC परीक्षा क्रैक की है. पहले आईपीएस और बाद में आईएएस बनीं.
- वरनाली डेका के पति IPS विवेक राज सिंह को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में डिप्टी डायरेक्टर जनरल हैं.
IAS वरनाली डेका ने इतिहास रच दिया है. केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव स्तर के पद पर इंपैनल हुइ हैं. असम-मेघालय कैडर में ऐसा करने वाली डेका पहली महिला आईएएस अधिकारी बन गई हैं. इनके पति IPS विवेक राज सिंह को भी हाल ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में डिप्टी डायरेक्टर जनरल पद पर नियुक्ति मिली है. असम के इस पावर कपल की सक्सेस स्टोरी हर किसी के लिए प्रेरणादायी है. वरनाली डेका ने जहां दो बार UPSC क्रैक की है. वहीं, विवेक राज सिंह वो इकलौते आईपीएस हैं, जो तीन-तीन कैडर में सेवाएं दे चुके हैं.
IAS बनने के लिए छोड़ी TATA की नौकरी
वरनाली डेका ने आईएएस अधिकारी बनने से पहले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एएनजेड बैंक जैसी नामी कंपनियों में काम किया है. फिर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के लिए कॉर्पोरेट दुनिया को छोड़ दिया. यूपीएससी के पहले प्रयाश में अखिल भारतीय स्तर पर 82वीं रैंक हासिल की और पुलिस सेवा के लिए चुनी गईं. आईपीएस बनने के बाद भी वरनाली डेका ने आईएएस अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और फिर 16वीं रैंक हासिल करके असम-मेघालय कैडर में आईएएस बनीं.

15 फरवरी 1979 को जन्मीं वरनाली डेका के नाम कई रिकॉर्ड हैं. वे दो बार यूपीएससी क्रैक करने वाली असम की पहली महिला हैं
असम की पहली महिला, जिसने दो बार क्रैक की UPSC
15 फरवरी 1979 को जन्मीं वरनाली डेका के नाम कई रिकॉर्ड हैं. वे दो बार यूपीएससी क्रैक करने वाली असम की पहली महिला हैं. अब ऐसी उपलब्धि उनको अगस्त 2026 में केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव पद तक पहुंचने पर हासिल हुई है. इसके अलावा यूपीएससी पास करने के बाद लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें पूर्वोत्तर के सर्वश्रेष्ठ अधिकारी प्रशिक्षु के रूप में एल वी रेड्डी मेमोरियल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया.
वरनाली डेका ने पांच जिलों की कमान संभाली
भारतीय प्रशासनिक सेवा में साल 2009 बैच की सीनियर आईएएस अधिकारी वरनाली डेका ने असम-मेघायल कैडर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. इन्होंने असम के पांच जिलों बरपेटा, गोलाघाट, गोलपारा, कोकराझार और नलबाड़ी में उपायुक्त के रूप में सेवाएं दीं. गोलपारा जिला भी आईएएस वरनाली डेका के प्रशासनिक प्रयासों से ही खुले में शौच से मुक्त हुआ. 'पोषण कोकराझार' में वरनाली डेका के काम को इतना सराहा गया कि उसे 'अमृत ज्ञान कोश/iGOT कर्मयोगी' प्लेटफॉर्म पर एक केस स्टडी के रूप में शामिल किया गया.

2009 बैच की सीनियर आईएएस अधिकारी वरनाली डेका ने असम-मेघायल कैडर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है.
वरनाली डेका को मिले अवार्ड और शिक्षा
आईएएस वरनाली डेका को कई अवार्ड भी मिल चुके हैं. गोलमार्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर स्नैपशॉट और खेलो कोकराझार जैसे उनके नवाचारों की सराहना नीति आयोग और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम जैसी वैश्विक संस्थाओं ने भी की. उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों के लिए उन्हें प्रधानमंत्री लोक सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार और दो बार राष्ट्रीय जल पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. कंप्यूटर साइंस में बी.टेक, एमबीए और एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कॉमर्स में पीएचडी (PhD) की उपाधि भी प्राप्त की. उनकी डॉक्टरेट रिसर्च का विषय था "आकांक्षी जिला कार्यक्रम का पूर्वोत्तर में उद्यमिता पर प्रभाव."
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वरनाली डेका के आईपीएस पति विवेक राज सिंह के अनूठे रिकॉर्ड की पूरी कहानी यहां पढ़ें
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