- शारदेंदु तिवारी ने अमेजन में 46 लाख रुपये के पैकेज को छोड़कर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का फैसला किया
- उन्होंने सात बार असफल रहने के बाद आठवें प्रयास में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया से कमीशन प्राप्त किया
- शारदेंदु ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से बी.ई. और एम.टेक की डिग्री हासिल की और क्लाउड इंजीनियर के पद पर काम किया
Shardendu Tiwari Success Story: भारतीय सेना की वर्दी के सामने सारे सपने फीके हैं. इस बात का ताजा उदाहरण अमेजन के उस इंजीनियर शारदेंदु तिवारी की सक्सेस स्टोरी है, जिन्होंने इंडियन आर्मी जॉइन करने के लिए 46 लाख रुपये का पैकेज छोड़ दिया. ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), गया से भारतीय सेना में बतौर अधिकारी कमीशन होने वाले लखनऊ के नीलमथा निवासी 27 वर्षीय शारदेंदु तिवारी के बुलंद हौसले और देश सेवा के अटूट जज्बे के आगे लाखों का कॉर्पोरेट पैकेज भी फीका पड़ गया.

shardendu tiwari: 27 वर्षीय शारदेंदु तिवारी के बुलंद हौसले और देश सेवा के अटूट जज्बे के आगे लाखों का कॉर्पोरेट पैकेज भी फीका पड़ गया.
एयरबस का ऑफर ठुकराया, 7 विफलताओं के बाद 8वें प्रयास में मारी बाजी
भारतीय सेना के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर शारदेंदु तिवारी की सफलता की कहानी शेयर की गई है. केंद्रीय विद्यालय, चंडीमंदिर से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ से बी.ई. (आईटी) और एम.टेक (कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी) की पढ़ाई की.
𝐓𝐡𝐞 𝐔𝐧𝐬𝐭𝐨𝐩𝐩𝐚𝐛𝐥𝐞 𝐉𝐨𝐮𝐫𝐧𝐞𝐲 𝐟𝐨𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐎𝐥𝐢𝐯𝐞 𝐆𝐫𝐞𝐞𝐧𝐬 : 𝐒𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐨𝐟 𝐒𝐔𝐎 𝐒𝐡𝐚𝐫𝐝𝐞𝐧𝐝𝐮 𝐓𝐢𝐰𝐚𝐫𝐢
— Army Training Command, Indian Army (@artrac_ia) September 4, 2026
Hailing from Lucknow, Shardendu Tiwari inherited the spirit of service from his father, an Army Service Corps veteran who served for 36… pic.twitter.com/BSDbCb9w37
इंजीनियरिंग करने के बाद उन्हें अमेजन में शानदार पैकेज पर नौकरी मिली. इसके बावजूद शारदेंदु तिवारी ने भारतीय सेना में अफसर बनने का अपना सपना जिंदा रखा. वे लगातार 7 बार असफल हुए, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और 8वें प्रयास में सफलता हासिल की. शारदेंदु ने टेक्निकल एंट्री रूट के जरिए सेना जॉइन की है, जिससे वे तकनीक से जुड़े रहते हुए देश की रक्षा करेंगे.

शारदेंदु ने टेक्निकल एंट्री रूट के जरिए सेना जॉइन की है,
OTA गया में बने सीनियर अंडर ऑफिसर
OTA गया में ट्रेनिंग के दौरान उनके उत्कृष्ट नेतृत्व कौशल को देखते हुए उन्हें 'सीनियर अंडर ऑफिसर' चुना गया, जो अकादमी में सबसे उच्च कैडेट पदों में से एक है. बास्केटबॉल और टेबल टेनिस के शौकीन शारदेंदु का कहना है कि थ्रिल, एडवेंचर और फील्ड सर्विस की ललक ने उन्हें हमेशा सेना की ओर आकर्षित किया.
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