- सफीन हसन गुजरात कैडर के सबसे कम उम्र के IPS हैं, जिन्होंने महज 22 वर्ष की उम्र में UPSC परीक्षा उत्तीर्ण की थी
- सरकारी स्कूल से शुरुाआती पढ़ाई की और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की.
- UPSC परीक्षा दौरान हुए गंभीर हादसे के बावजूद सफीन हसन ने अपने सभी पेपर पूरी तरह से सफलतापूर्वक लिखे थे
गुजरात कैडर के सबसे कम उम्र के आईपीएस सफीन हसन का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे गणपति बप्पा की भक्ति भाव में लीन नजर आ रहे हैं. सरकारी स्कूल से पढ़कर महज 22 साल की उम्र में यूपीएससी पास करने वाले आईपीएस सफीन हसन गोधरा में भगवान गणेश की पूजा अर्चना से पहले भावनगर में एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और भगवद्गीता को लेकर भाषण देकर भी सुर्खियों में आ चुके हैं. उनके अनुसार धर्म से ज्ञान प्राप्त करना चाहिए और प्रत्येक धर्म से जो अच्छी बातें सीखने को मिलें, उन्हें जीवन में अपनाते रहना चाहिए.

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छोटे गांव से IPS तक का सफर
सफीन हसन के सफलता की कहानी गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर के पास स्थित कानोदरा जैसे छोटे से गांव से शुरू होती है, जो उन्हें गुजरात कैडर में 2018 बैच का आईपीएस बनाने तक ले जाती है. संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सफीन हसन ने ऑल इंडिया रैंक 570 हासिल की थी. वर्तमान में वे महिसागर जिले के पुलिस अधीक्षक हैं.
सरकारी स्कूल से शुरू हुई शिक्षा
सफीन हसन का जन्म बनासकांठा जिले के कानोदरा गांव में हुआ था. उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई. सामान्य आर्थिक परिस्थितियों के बीच पढ़ाई करते हुए सफीन ने बचपन से ही सिविल सेवा में जाने का सपना देखा था. बाद में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक. की डिग्री हासिल की. इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उनके सामने नौकरी और प्लेसमेंट के कई विकल्प थे, लेकिन उनका लक्ष्य पहले से तय था. उन्होंने नौकरी के बजाय UPSC की तैयारी को प्राथमिकता दी.

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GPSC में सफलता, लेकिन सपना था IPS बनने का
UPSC की तैयारी के दौरान सफीन हसन ने गुजरात लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी दी थी. GPSC में उन्होंने राज्य स्तर पर 34वीं रैंक हासिल की और जिला रजिस्ट्रार के पद के लिए उनका चयन हुआ. हालांकि, बचपन से IPS अधिकारी बनने का सपना देखने वाले सफीन ने इस नौकरी को अपनी अंतिम मंजिल नहीं माना. उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी और अंततः उनका सपना साकार हो गया.
22 साल की उम्र में बने IPS अधिकारी
वर्ष 2018 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफीन हसन ने ऑल इंडिया रैंक 570 हासिल की. महज 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया. IPS बनने के बाद उन्होंने गुजरात कैडर में अपने करियर की शुरुआत की. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने जामनगर में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के रूप में जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद उन्होंने गुजरात पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया.

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UPSC परीक्षा के दौरान हुआ बड़ा हादसा
सफीन हसन की UPSC यात्रा चुनौतियों से भी भरी रही. मुख्य परीक्षा के दौरान वे एक हादसे का शिकार हो गए थे. हादसे में उनके पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगी थी. इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा अधूरी नहीं छोड़ी. दर्दनिवारक दवाएं लेकर वे परीक्षा केंद्र पहुंचे और चोटिल अवस्था में भी अपने सभी पेपर पूरे किए. यह घटना उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा के सबसे चर्चित प्रसंगों में से एक है.
गुजराती माध्यम से पढ़ाई, अंग्रेजी में इंटरव्यू
सफीन हसन ने अपनी शुरुआती शिक्षा गुजराती माध्यम में प्राप्त की थी. उन्होंने UPSC की लिखित परीक्षा गुजराती भाषा में दी, जबकि इंटरव्यू के लिए अंग्रेजी भाषा का चयन किया. उनकी सफलता यह साबित करती है कि भाषा या आर्थिक परिस्थितियां सफलता के मार्ग में अंतिम बाधा नहीं होतीं. दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

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अहमदाबाद के ट्रैफिक DCP के रूप में भी निभाई अहम जिम्मेदारी
IPS बनने के बाद सफीन हसन ने गुजरात के विभिन्न शहरों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. जामनगर और भावनगर में सेवा देने के बाद उन्होंने अहमदाबाद शहर में ट्रैफिक DCP के रूप में भी कार्य किया. अहमदाबाद के पूर्वी क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन और सड़क सुरक्षा से जुड़े अनेक मुद्दों पर काम किया.
सफीन हसन, एसपी महिसागर गुजरात
वर्तमान में वर्ष 2026 में सफीन हसन महिसागर जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. जिला पुलिस प्रमुख के रूप में वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और पुलिस प्रशासन से जुड़े विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. सफीन हसन की पहचान केवल एक पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं है. वे युवाओं के बीच एक प्रेरक वक्ता के रूप में भी काफी लोकप्रिय हैं. सोशल मीडिया और विभिन्न कार्यक्रमों में वे युवाओं को शिक्षा, मेहनत, लक्ष्य निर्धारण और असफलताओं से सीख लेने का संदेश देते हैं. उनका मानना है कि जीवन में लक्ष्य तय करने के बाद लगातार उसी दिशा में कार्य करना चाहिए. अल्पकालिक असफलताओं से निराश होने के बजाय उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए आगे बढ़ना चाहिए.
धर्म और ज्ञान को लेकर भी देते हैं संदेश
सफीन हसन विभिन्न धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने में रुचि रखते हैं. वे भगवद्गीता, रामायण, बाइबल और कुरान सहित कई धार्मिक ग्रंथों से ज्ञान प्राप्त करने की बात कर चुके हैं. भावनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और भगवद्गीता पर उन्होंने जो बातें कही वो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुई थीं. गुजरात के इस सबसे कम उम्र के आईपीएस सफीन हसन का मानना है कि धर्म का उद्देश्य ज्ञान प्राप्त करना है और हर धर्म से मिलने वाली सकारात्मक सीख को जीवन में अपनाया जाना चाहिए.
-गुजरात से प्रितेश पांड्या की रिपोर्ट
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