- हरियाणा के झज्जर की कनिका यादव ने UPSC परीक्षा में पहले प्रयास में यूपीएससी क्रैक की थी
- आईपीएस कनिका यादव को SVPNPA की पासिंग आउट परेड में बेस्ट लेडी प्रोबेशनर का सम्मान मिला
- दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कनिका ने नौकरी के साथ बिना कोचिंग के UPSC की तैयारी की
IPS Kanika Yadav: हरियाणा के झज्जर की बेटी कनिका यादव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और परिवार का भरोसा मिले तो सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है. संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद अब उन्होंने पुलिस सेवा प्रशिक्षण के दौरान भी अपनी अलग पहचान बनाई है. यहां बेस्ट लेडी प्रोबेशनर आईपीएस का खिताब अपने नाम किया है
SVPNPA पासिंग आउट परेड 2026
12 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में आयोजित 78वीं रेगुलर भर्ती (78 RR) की पासिंग आउट परेड में AGMUT कैडर की आईपीएस प्रोबेशनर कनिका यादव को शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 'बेस्ट लेडी प्रोबेशनर' के मेडल से सम्मानित किया गया. इस परेड में कुल 151 अधिकारी प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिनमें 16 विदेशी अधिकारी भी शामिल थे.

पहले ही प्रयास में पास की थी UPSC परीक्षा
कनिका यादव ने संघ लोग सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया लेवल पर 464वीं रैंक की और AGMUT कैडर में भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी बनीं. कनिका ने पहले प्रयास में यूपीएससी क्रैक की. कनिका यादव मूल रूप से हरियाणा के झज्जर शहर के सिलानी गेट की रहने वाली हैं. वर्तमान में इनका परिवार दिल्ली में रह रहा है. यूपीएससी रिकॉर्ड में इनका होम स्टेट दिल्ली बताया हुआ है. कनिका के पिता नरेंद्र यादव शिक्षक रहे हैं, जबकि उनकी मां अनिका यादव दिल्ली में सरकारी पीजीटी शिक्षिका हैं. यूपीएससी का परिणाम आने के बाद परिवार को पहले तो अपनी बेटी की सफलता पर यकीन ही नहीं हुआ. बाद में जैसे-जैसे रिश्तेदारों और परिचितों के फोन आने लगे, घर में खुशी का माहौल बन गया. आज भी परिवार इस उपलब्धि को अपने जीवन के सबसे यादगार पलों में गिनता है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई, नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी
कनिका की शुरुआती पढ़ाई झज्जर में हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली में अपनी आगे की शिक्षा पूरी की. उच्च शिक्षा के दौरान उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और बाद में नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर नवंबर 2022 में दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यभार संभाला. नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच यूपीएससी की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन कनिका ने समय का सटीक प्रबंधन करते हुए अपने लक्ष्य को कभी नजरों से ओझल नहीं होने दिया.
कोचिंग नहीं ली, टेस्ट पेपर और सेल्फ स्टडी से बनाई राह
मीडिया की खबरों के अनुसार कनिका की तैयारी का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि उन्होंने नियमित कोचिंग का सहारा नहीं लिया. वह दिल्ली के करोल बाग के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के टेस्ट पेपर लाकर घर पर ही हल करती थीं. इंटरनेट, सेल्फ स्टडी और लगातार अभ्यास उनकी तैयारी का मुख्य आधार रहे. किसी विषय में परेशानी आने पर वह अपने माता-पिता से चर्चा करती थीं और उनकी सलाह लेती थीं. यही कारण रहा कि पहले प्रयास में मिली सफलता के बाद भी उन्होंने खुद को लगातार बेहतर बनाने का सिलसिला जारी रखा.
आईपीएस बनना बचपन का सपना था
यूपीएससी 2023 क्रैक करने के बाद कनिका ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि आईपीएस बनना सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सपना था. परिवार की उम्मीदें और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बने. उनका मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता का रास्ता जरूर बनता है.
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