IIT बॉम्बे ने उन तमाम खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि संस्थान के डायरेक्टर ने इस्तीफा दे दिया है. छात्र साहिल वाकोडे केस के बाद छात्र लगातार डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. खुद आईआईटी डायरेक्टर ने भी अपने रिजाइन की बात कही थी. इसी बीच कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर दावा किया जा रहा था कि डायरेक्टर ने इस्तीफा दे दिया है, इन्हें खारिज करते हुए अब आईआईटी बॉम्बे ने तस्वीर साफ की है. हालांकि प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को सस्पेंड कर दिया गया है, जो उस एग्जाम के दौरान इनविजिलेटर थे, जिसमें छात्र को कथित तौर पर चीटिंग करते हुए पकड़ा गया था.
संस्थान ने बदला अपना बयान
आईआईटी बॉम्बे में हुई छात्र की मौत के बाद संस्थान की तरफ से एक बयान जारी किया गया था, जिससे अब संस्थान ने यू-टर्न लेते हुए माफी मांग ली है. संस्थान ने पहले एग्जाम के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने और चीटिंग की बात कही थी, जिसके बाद अब कहा गया है कि जांच से पहले ये सब कहना ठीक नहीं था. संस्थान ने कहा है कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि आखिर क्या हुआ था.

डायरेक्टर ने खुद कही थी रिजाइन की बात
IIT बॉम्बे में 18 सितंबर को साहिल वाकोडे नाम के छात्र ने खुदकुशी कर ली थी, इस मामले के बाद से ही संस्थान के छात्र प्रदर्शन पर उतर गए और अपनी कई मांगों को लेकर सामने आए. छात्रों की 18 मांगों वाले प्रस्ताव पर आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे ने साइन कर दिए और सभी मांगों को मानने की बात कही. इनमें उनके इस्तीफे की मांग भी शामिल थी. डायरेक्टर ने ऑन कैमरा ये भी कहा था कि, मैं रिजाइन करने वाला हूं, जब उनसे पूछा गया कि आप वाकई रिजाइन करने वाले हैं? तो उन्होंने बताया कि वो मंडे को रिजाइन कर देंगे. इसी बीच छात्रों को पीछे से कहते सुना जा सकता है कि इनकी बात को रिकॉर्ड कर लीजिए.
छात्र के परिवार ने भी कई तरह के आरोप लगाए हैं, जिनमें जातिगत भेदभाव जैसी बातें भी कही गई हैं. ऐसे में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है. पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र के साथ क्या-क्या हुआ था.
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