UP School Merger Data: क्या यूपी के 22 हजार सरकारी स्कूलों पर सचमुच ताला लग चुका है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के इस दावे की लखनऊ से लेकर देश की संसद तक चर्चा है. एक तरफ जहां विपक्ष इसे गरीब बच्चों के भविष्य पर हमला बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि यह सिर्फ हवाहवाई बातें हैं. आइए जानते हैं इसे लेकर सरकारी रिकॉर्ड और शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ें क्या कह रहे हैं और सच क्या है.
अखिलेश यादव का दावा क्या है
लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान 28 जुलाई को अखिलेश यादव ने केंद्र और यूपी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए. इसके बाद संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि स्कूल मर्जर (School Merger) के नाम पर उत्तर प्रदेश में करीब 22 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं. उनका कहना था कि सरकार इसे मर्जर बता रही है, लेकिन जमीन पर स्कूलों का संचालन बंद हो चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों पर पड़ा है.
यूपी सरकार का क्या कहना है
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है. सरकार का कहना है कि राज्य में कोई भी सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद नहीं किया गया है. सरकारी के मुताबिक, सिर्फ ऐसे स्कूलों का मर्जर किया गया है, जहां छात्रों की संख्या बहुत कम थी और पास में दूसरा सरकारी स्कूल मौजूद था. यानी भवन पूरी तरह खत्म नहीं किए गए, बल्कि छात्रों को नजदीकी स्कूल में पढ़ाने की व्यवस्था की गई.
सरकारी स्कूल बंद होने को लेकर सरकारी डेटा क्या कहता है?
भले ही यूपी सरकार स्कूल बंद होने की बात से इनकार कर रही हो, लेकिन लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय की तरफ से पेश किए गए आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं. सरकारी डेटा को देखें तो तस्वीर काफी अलग दिखती है. पिछले 10 सालों में पूरे देश में 93,779 स्कूल बंद हुए हैं. यह देश के कुल स्कूलों का करीब 9% है.
आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 सालों में भारत में हर दिन औसतन 25 स्कूलों पर ताला लगा है. शुरुआती 6 सालों में ही 70 हजार स्कूल बंद हो गए थे. पिछले एक दशक में देश की आबादी 15.4 करोड़ बढ़ी है, लेकिन स्कूलों में बच्चों के एडमिशन घटने लगे हैं. डेटा के मुताबिक, स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या में 2.41 करोड़ (8.9%) की गिरावट आई है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा स्कूल बंद हुए और यूपी का नंबर कहां है
- मध्य प्रदेश में करीब 30,000 स्कूल बंद
- उत्तर प्रदेश में 25,000 से ज्यादा स्कूल बंद
- ओडिशा में करीब 10,000 स्कूल बंद
- असम में 8,000 से ज्यादा स्कूल बंद
- झारखंड में 5,500 से ज्यादा स्कूल बंद.
क्या यूपी में 22 हजार स्कूल सचमुच बंद हुए
अखिलेश यादव का दावा है कि करीब 22 हजार प्राथमिक स्कूल बंद हुए और यूपी सरकार इससे इनकार कर रही है, जबकि शिक्षा मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 सालों में प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा स्कूलों की संख्या कम हुई, लेकिन इसकी वजह सिर्फ स्कूल बंद होना नहीं मानी जा सकती है. यानी 22 हजार स्कूल बंद होने वाला वाला सरकारी डेटा से साबित नहीं होता है.
स्कूल मर्जर क्या होता है?
जब किसी सरकारी स्कूल में छात्रों की संख्या बहुत कम रह जाती है और आसपास दूसरा स्कूल मौजूद होता है, तो दोनों को एक साथ चलाने का फैसला लिया जाता है. इसे स्कूल मर्जर कहा जाता है. सरकार का कहना है कि इससे बेहतर शिक्षक मिलते हैं, रिसोर्सेज का सही इस्तेमाल होता है और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं. हालांकि, कई शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों के बच्चों को ज्यादा दूरी तय करनी पड़ सकती है, जिससे पढ़ाई छोड़ने का खतरा भी बढ़ सकता है.
देशभर में क्यों कम हो रही है स्कूलों की संख्या
- कम छात्र संख्या
- स्कूलों का मर्जर
- गांवों से पलायन
- प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती संख्या
- शिक्षा व्यवस्था का पुनर्गठन
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