प्रतीकात्मक फोटो.
नोएडा:
फर्जी आयकर अधिकारी बनकर 20 लाख रुपये ठगने के मामले में थाना सेक्टर-20 पुलिस ने एक मिनिरल वाटर कंपनी चलाने वाले उद्योगपति व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी कर्मचारी को गिरफ्तार किया. फर्जी आयकर अधिकारी व दरोगा अभी फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है.
एसपी (सिटी) दिनेश यादव ने बताया कि दिल्ली के रहने वाले विकास वशिष्ठ ने थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नोएडा में स्थित मिनिरल वाटर बनाने की कंपनी के मालिक ललित बाधवा ने उन्हें करेंसी बदलने के लिए अपने यहां बुलाया, कंपनी मालिक ने 20 लाख रुपये की नई करेंसी के बदले उनसे 24 लाख रुपये की पुरानी करेंसी मांगी.
वशिष्ठ ने बताया कि बाधवा ने जैसे ही उन्हें 20 लाख की नई करेंसी पकड़ाई, वहां पर सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहने हुए एक व्यक्ति और अपने आपको आयकर विभाग का अधिकारी बताने वाला एक व्यक्ति वहां पर पहुंच गया. दोनों ने वशिष्ठ व उनके साथियों को धमकाकर 20 लाख रुपये की नई करेंसी उनसे ले ली.
एसपी ने बताया कि इस मामले की जांच कर रही थाना सेक्टर-20 पुलिस ने आज इस धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले कंपनी के मालिक ललित बाधवा व एसबीआई की दिल्ली की एक शाखा के कर्मचारी दीपक चावला को गिरफ्तार कर लिया है.
उन्होंने बताया कि दीपक चावला ने ही बाधवा व वशिष्ठ के बीच बिचैलिये की भूमिका निभाई थी. उन्होंने बताया कि फर्जी आयकर अधिकारी व पुलिस की वर्दी में पहुंचे दरोगा की पहचान कर ली गई है. उनकी भी जल्द ही गिरफ्तारी होगी.
एसपी ने बताया कि पुलिस की वर्दी में आया दरोगा जेएस शर्मा यूपी पुलिस में तैनात है. मौजूदा समय में वह गाजियाबाद में तैनात है.
दिनेश यादव ने बताया कि वशिष्ठ से ठगे गए 20 लाख रुपये फर्जी आयकर अधिकारी व दरोगा के पास हैं. उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान ललित बाधवा ने खुलासा किया है कि उसने ही नई करेंसी हड़पने की नीयत से इस पूरी घटना का तानाबाना बुना था.
एसपी (सिटी) दिनेश यादव ने बताया कि दिल्ली के रहने वाले विकास वशिष्ठ ने थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नोएडा में स्थित मिनिरल वाटर बनाने की कंपनी के मालिक ललित बाधवा ने उन्हें करेंसी बदलने के लिए अपने यहां बुलाया, कंपनी मालिक ने 20 लाख रुपये की नई करेंसी के बदले उनसे 24 लाख रुपये की पुरानी करेंसी मांगी.
वशिष्ठ ने बताया कि बाधवा ने जैसे ही उन्हें 20 लाख की नई करेंसी पकड़ाई, वहां पर सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहने हुए एक व्यक्ति और अपने आपको आयकर विभाग का अधिकारी बताने वाला एक व्यक्ति वहां पर पहुंच गया. दोनों ने वशिष्ठ व उनके साथियों को धमकाकर 20 लाख रुपये की नई करेंसी उनसे ले ली.
एसपी ने बताया कि इस मामले की जांच कर रही थाना सेक्टर-20 पुलिस ने आज इस धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले कंपनी के मालिक ललित बाधवा व एसबीआई की दिल्ली की एक शाखा के कर्मचारी दीपक चावला को गिरफ्तार कर लिया है.
उन्होंने बताया कि दीपक चावला ने ही बाधवा व वशिष्ठ के बीच बिचैलिये की भूमिका निभाई थी. उन्होंने बताया कि फर्जी आयकर अधिकारी व पुलिस की वर्दी में पहुंचे दरोगा की पहचान कर ली गई है. उनकी भी जल्द ही गिरफ्तारी होगी.
एसपी ने बताया कि पुलिस की वर्दी में आया दरोगा जेएस शर्मा यूपी पुलिस में तैनात है. मौजूदा समय में वह गाजियाबाद में तैनात है.
दिनेश यादव ने बताया कि वशिष्ठ से ठगे गए 20 लाख रुपये फर्जी आयकर अधिकारी व दरोगा के पास हैं. उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान ललित बाधवा ने खुलासा किया है कि उसने ही नई करेंसी हड़पने की नीयत से इस पूरी घटना का तानाबाना बुना था.
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