प्रतीकात्मक चित्र
- 2013 से ही तस्करी में शामिल था आरोपी
- युवाओं को शामिल करता था अपने गिरोह में
- किराये के विला में रहता था, 40 हजार रुपये था किराया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:
बेंगलुरू पुलिस ने कभी दिहाड़ी मजदूरी करने वाले एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने इस साल 40 लाख रुपये का आयकर रिटर्न फाइल किया था. पुलिस ने आरोपी की पहचान 32 वर्षीय राजप्पा के रूप में की है. गौरतलब है कि पुलिस ने कुछ दिन पहले ही इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था. इसी अभियान के तहत पुलिस ने आरोपी और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया. पुलिस ने आरोपी के पास से 27 किलो मारिजुआना भी बरामद हुआ है.
यह भी पढ़ें: दिल्ली : आठ माह की बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी रिश्तेदार गिरफ्तार
बेंगलुरू पुलिस के दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी बोरालिंगइया ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ड्रग्स के अवैध कारोबार से जुड़ा है. वह अपने काले धन को सफेद करने की फिराक में था. इसलिए उसने इस साल 40 लाख रुपये का रिटर्न फाइल किया. आयकर विभाग ने जब उससे इतनी संपत्ति का स्रोत पूछा तो उसने फर्जी डाक्यूमेंट की मदद से खुद को कैटेगरी ए का कांट्रैक्टर साबित कर दिया. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने दिहाड़ी के दिन से ही मारिजुआन की तस्करी शुरू कर दी थी. शुरुआती दिनों में उसने अपने दोस्तों के लिए मारिजुआना ले जाना शुरू किया था.
यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने फर्जी डिग्री गिरोह का किया पर्दाफाश किया, मास्टरमाइंड फरार
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी युवक वर्ष 2013 के बाद से ही मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था. वह इस काम में युवाओं की मदद लेता था और सालाना करोड़ों रुपये कमाता था. आरोपी ने कनकपुरा रोड पर एक विला भी किराये पर लिया था. जिसके लिए वह हर महीने 40 हजार रुपये किराया देता था. उसने बीते कुछ वर्षों में अपने गांव में कई प्रॉपर्टी भी खरीदी है.
VIDEO: पुलिस ने किया फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह को गिरफ्तार
आईटी रिटर्न फाइल करने के बाद आरोपी ने एक वकील से खुदको बचाने के लिए सलाह भी ली थी. वकील ने आरोपी को बताया कि वह खुदको क्लास वन के कैंट्रैक्टर के तौर पर रजिस्टर कराने की सलाह दी थी.
यह भी पढ़ें: दिल्ली : आठ माह की बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी रिश्तेदार गिरफ्तार
बेंगलुरू पुलिस के दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी बोरालिंगइया ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ड्रग्स के अवैध कारोबार से जुड़ा है. वह अपने काले धन को सफेद करने की फिराक में था. इसलिए उसने इस साल 40 लाख रुपये का रिटर्न फाइल किया. आयकर विभाग ने जब उससे इतनी संपत्ति का स्रोत पूछा तो उसने फर्जी डाक्यूमेंट की मदद से खुद को कैटेगरी ए का कांट्रैक्टर साबित कर दिया. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने दिहाड़ी के दिन से ही मारिजुआन की तस्करी शुरू कर दी थी. शुरुआती दिनों में उसने अपने दोस्तों के लिए मारिजुआना ले जाना शुरू किया था.
यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने फर्जी डिग्री गिरोह का किया पर्दाफाश किया, मास्टरमाइंड फरार
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी युवक वर्ष 2013 के बाद से ही मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था. वह इस काम में युवाओं की मदद लेता था और सालाना करोड़ों रुपये कमाता था. आरोपी ने कनकपुरा रोड पर एक विला भी किराये पर लिया था. जिसके लिए वह हर महीने 40 हजार रुपये किराया देता था. उसने बीते कुछ वर्षों में अपने गांव में कई प्रॉपर्टी भी खरीदी है.
VIDEO: पुलिस ने किया फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह को गिरफ्तार
आईटी रिटर्न फाइल करने के बाद आरोपी ने एक वकील से खुदको बचाने के लिए सलाह भी ली थी. वकील ने आरोपी को बताया कि वह खुदको क्लास वन के कैंट्रैक्टर के तौर पर रजिस्टर कराने की सलाह दी थी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं