वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले भारतीय उपकप्तान तिलक वर्मा ने जोर देकर कहा है कि मेजबना टीम को वेस्टइंडीज की जबरदस्त बैटिंग लाइन-अप को सिर्फ रोकने के बजाय विकेट लेने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने बॉलिंग प्लान को सही ढंग से लागू करने पर जोर दिया है. बता दें, भारत-वेस्टइंडीज के बीच इस व्हॉइट बॉल सीरीज के दौरान पिच को लेकर बोर्ड की काफी आलोचना हुई है. फिर चाहे वनडे सीरीज हो या टी20 सीरीज के शुरुआती तीनों मैच- सभी मुकाबलों में ट्रैक से गेंदबाजों को बिल्कुल मदद नहीं थी और पाटा विकेट पर उनकी खूब धुनाई हुई.
बुधवार को हैदराबाद में सीरीज का चौथा मैच होना है और टीम इंडिया की नजर मेहमान टीम को हराकर सीरीज अपने नाम करने पर होगी. वेस्टइंडीज ने दूसरे T20I में भारत के 249 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी बैटिंग की ताकत दिखाई थी. कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों में 102 रन बनाए थे. इस पर तिलक ने कहा कि भारत ऐसी टीम के खिलाफ ढिलाई नहीं बरत सकता, जिसकी बैटिंग लाइन-अप में आखिरी बल्लेबाज तक जबरदस्त हिटिंग करने की क्षमता है.
तिलक ने मंगलवार को मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,"वेस्टइंडीज वाकई एक बहुत अच्छी टीम है, खासकर टी20 फॉर्मेट में. वे बहुत ज्यादा फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलते हैं, इसलिए उन्हें पता है कि इस फॉर्मेट में कैसे खेलना है. उनमें जो ताकत है, वह अविश्वसनीय है." "हर कोई गेंद को जोर से हिट कर सकता है. ऐसा नहीं है कि सिर्फ ओपनर या नंबर तीन या चार के बल्लेबाज ही ऐसा कर सकते हैं. उनके सभी खिलाड़ी गेंद को जोर से मार सकते हैं, और यहां तक कि 11वें नंबर का बल्लेबाज भी आकर हिट कर सकता है. जब तक सभी 10 विकेट नहीं गिर जाते, खेल खत्म नहीं होता. हम ढिलाई नहीं बरत सकते."
दूसरे मैच में हार के बाद भारत की बॉलिंग यूनिट पर सवाल उठे थे. मेहमान टीम ने पावरप्ले का फायदा उठाकर शानदार तरीके से लक्ष्य हासिल किया था. 23 साल के तिलक ने कहा कि टीम ने उस मैच में अपनी डिफेंसिव अप्रोच की समीक्षा की है. हेड कोच गौतम गंभीर ने गेंदबाज़ों को ज़्यादा आक्रामक होने और विपक्षी टीम को हावी होने देने के बजाय विकेट लेने के लिए हमला करने के लिए प्रोत्साहित किया है.
उन्होंने कहा,"शुरुआत में, दूसरे मैच में हमने विकेट लेने की कोशिश नहीं की. जब वे (वेस्टइंडीज) रन बना रहे थे, तो हम थोड़े डिफ़ेंसिव हो गए थे. लेकिन उसके बाद, एक टीम के तौर पर गौतम (गंभीर) सर ने भी कहा कि हम विकेट लेने की कोशिश कर सकते हैं और वह आक्रामकता दिखा सकते हैं."
इंदौर में खेले गए तीसरे T20I मैच में भारत ने 14 रन से जीत हासिल करके वापसी की. मेहमान टीम के आखिरी ओवरों में ज़ोरदार हमले के बावजूद भारत ने उन्हें 209 रन पर रोक दिया. तिलक ने कहा कि टीम इस प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेगी. वे ऐसी विरोधी टीम के खिलाफ अपनी योजनाओं को और बेहतर ढंग से लागू करना चाहेंगे जो कुछ ही ओवरों में मैच का पासा पलटने की क्षमता रखती है.
भारत के टॉप बल्लेबाजों के अच्छी फॉर्म में होने की वजह से मिडिल ऑर्डर को कम मौके मिले हैं. तिलक ने नंबर तीन पर खेलते हुए 13 T20I पारियों में 443 रन बनाए हैं. इसमें दो शतक शामिल हैं और उनका औसत 55.37 तथा स्ट्राइक रेट 169.73 रहा है. उन्होंने कहा कि वे टीम की ज़रूरतों के हिसाब से खुद को ढालने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, "मुझे नंबर तीन पर बल्लेबाजी करना पसंद है और मैंने यह कई बार कहा है. मुझे हमेशा दबाव पसंद आता है. जब टीम को मेरी जरूरत होती है, तो मैं आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी लेना चाहता हूं."
उपकप्तान ने आगे कहा,"अगर जल्दी विकेट गिर जाते हैं, तो मैं समय ले सकता हूं और मैच को आगे तक ले जा सकता हूं. लेकिन अगर ओपनर्स या टॉप तीन बल्लेबाज 14वें या 15वें ओवर तक बल्लेबाजी करते हैं, तो मुझे पता है कि पहली ही गेंद से तेजी से रन कैसे बनाने हैं."
राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की नई पिच से यहां की आम पिच के मुकाबले अलग तरह की चुनौती मिलने की उम्मीद है. तिलक ने कहा कि बल्लेबाजी की रणनीति तय करने से पहले भारत हालात का जायज़ा लेगा. उन्होंने कहा,"हालात को समझे बिना आप पहली ही गेंद से आक्रामक नहीं हो सकते. वनडे क्रिकेट में आप पिच को समझने के लिए पांच या छह गेंदें ले सकते हैं, लेकिन टी20 क्रिकेट में आपके पास तेज़ी से रन बनाने से पहले सिर्फ एक या दो गेंदें ही होती हैं." "मैंने अभी तक पिच नहीं देखी है, लेकिन देखूंगा कि शुरुआत में हालात कैसे रहते हैं और उसी हिसाब से खेलूंगा. यह नई मिट्टी वाली पिच है, तो देखते हैं कि यह कैसा खेलती है."
तिलक ने पिछले मैच में अपने रन-आउट के बारे में भी बताया. वह और अक्षर पटेल गलती से यह समझ बैठे थे कि डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की तरफ मारा गया शॉट बाउंड्री तक पहुंच गया है. अक्षर ने लेग-साइड बाउंड्री की तरफ़ शॉट खेला और वेस्टइंडीज़ के फ़ील्डर ने डाइव लगाकर गेंद को रोकने की कोशिश की. तिलक को लगा कि गेंद बाउंड्री पार कर गई है और वह अपनी क्रीज़ से बाहर निकलने लगे, जबकि अक्षर को भी शुरू में ऐसा ही लगा.
लेकिन गेंद खेल में ही रही और वेस्टइंडीज़ के फ़ील्डरों ने उसे वापस फेंककर बॉलर एंड पर रन-आउट पूरा कर लिया, जबकि अक्षर सुरक्षित रूप से अपनी क्रीज़ पर लौट आए थे. तिलक ने कहा,"अक्षर और मुझे एक जैसा ही लगा. हमें लगा कि यह बाउंड्री है, इसलिए मैं चल पड़ा था. दुर्भाग्य से, गेंद अक्षर वाले एंड पर फेंकी गई और उन्हें गेंद दिखाई दी." "मैंने गेंद नहीं देखी. मुझे लगा कि यह चौका चला गया है, इसलिए मैं चल पड़ा था. लेकिन क्रिकेट में ऐसी चीज़ें होती रहती हैं."
चौथा T20I मैच तिलक के लिए भी एक खास मौका होगा, क्योंकि वह अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलने वाले हैं. उन्होंने कहा कि वह इस अनुभव का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, क्योंकि भारतीय टीम में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और नितीश कुमार रेड्डी जैसे कई सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ी भी शामिल हैं. उन्होंने कहा,"भारतीय टीम के उप-कप्तान के तौर पर हैदराबाद के दर्शकों के सामने खेलना मेरे लिए वाकई गर्व का पल है. यह मेरे लिए एक खास पल होगा."
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