
किंग्स इलेवन पंजाब ने भी अपने खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट लिया है
नई दिल्ली:
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)के 11वें सीज़न में खिलाड़ियों के लिए सिर्फ़ रन बनाना और विकेट लेना मायने नहीं रखेगा. टीम ने किसी खिलाड़ी पर सबसे बड़ी बोली लगाई है लेकिन इसके बावजूद उसकी जगह पक्की नहीं होगी. अंतर्राष्ट्रीय स्तर को ध्यान में रखते हुए अब आईपीएल टीमों ने भी खिलाड़ियों को फ़िटनेस मापने वाला यो-यो टेस्ट देने कि लिए कहा है. खिलाड़ियों की फ़िटनेस का पैमाना अब इस टेस्ट से ही होगा. ख़बरों के मुताबिक, चार टीमों के खिलाड़ियों ने तो यह टेस्ट दे भी दिया है. ये टेस्ट आईपीएल नीलामी के तुरंत बाद लिए गए थे. जल्दी ही सनराइज़र्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली डेयरडेविल्स की टीमें भी अपने खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट लेंगी. मुंबई इंडियंस ने सबसे पहले ये टेस्ट लिया, जिसमें खिलाड़ियों को हर लेवल को पार करने के लिए 14.5 सेकंड दिए गए. ऐसे 5 लेवल थे. इसके बाद रॉयल चैंलेंजर्स बैंगलुरू, किंग्स इलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स ने भी इन्हें अपनाया. क्या है यो-यो टेस्ट
यो-यो टेस्ट में 16.1 का स्कोर टेस्ट पास करने के लिए ज़रूरी है. इस टेस्ट में 20 मीटर की दूरी पर कोन रखे जाते हैं और बीप की आवाज़ आते ही दूरी तय करनी होती है बीच में सिर्फ़ 10 सेकेंड का ब्रेक मिलता है. धीरे धीरे गति बढ़ानी होती है. खिलाड़ियों की गति के आधार पर ही उसका स्कोर तय होता है.
वीडियो: आईपीएल नीलामी में सबसे महंगे बिके बेन स्टोक्स
इसलिए जरूरी माना गया यो-यो टेस्ट
आईपीएल सिर्फ़ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं, इसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बेस्ट खिलाड़ी शिरकत करते हैं. ऐसे में हर खिलाड़ी को फ़िटनेस के मामले में शिखर पर होना ज़रूरी है. खिलाड़ियों का मानना रहा है कि ये टेस्ट पास करना आसान नहीं लेकिन उम्मीद यही कि ज्यादा फ़िट खिलाड़ी इस सीज़न को और ज्यादा रोमांचक बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे.
यो-यो टेस्ट में 16.1 का स्कोर टेस्ट पास करने के लिए ज़रूरी है. इस टेस्ट में 20 मीटर की दूरी पर कोन रखे जाते हैं और बीप की आवाज़ आते ही दूरी तय करनी होती है बीच में सिर्फ़ 10 सेकेंड का ब्रेक मिलता है. धीरे धीरे गति बढ़ानी होती है. खिलाड़ियों की गति के आधार पर ही उसका स्कोर तय होता है.
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इसलिए जरूरी माना गया यो-यो टेस्ट
आईपीएल सिर्फ़ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं, इसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बेस्ट खिलाड़ी शिरकत करते हैं. ऐसे में हर खिलाड़ी को फ़िटनेस के मामले में शिखर पर होना ज़रूरी है. खिलाड़ियों का मानना रहा है कि ये टेस्ट पास करना आसान नहीं लेकिन उम्मीद यही कि ज्यादा फ़िट खिलाड़ी इस सीज़न को और ज्यादा रोमांचक बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे.
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