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This Article is From Oct 28, 2017

कुलदीप यादव ने कहा, कानपुर के पिच की रग-रग से वाकिफ हूं, मौका मिला तो करूंगा कमाल

चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव का कहना है कि कल यहां भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने तीसरे और अंतिम वनडे में अगर उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलता है, तो वह घरेलू दर्शकों के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये तैयार हैं.

कुलदीप यादव ने कहा, कानपुर के पिच की रग-रग से वाकिफ हूं, मौका मिला तो करूंगा कमाल
चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव (फाइल फोटो)
  • कुलदीप यादव ने कहा, कानपुर के पिच की रग-रग से वाकिफ हूं
  • 'कानपुर में मौका मिला तो करूंगा कमाल'
  • उन्होंने कहा कि घरेलू मैदान पर खेलना सपने की तरह
कानपुर: चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव का कहना है कि कल यहां भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने तीसरे और अंतिम वनडे में अगर उन्हें अंतिम एकादश में मौका मिलता है, तो वह घरेलू दर्शकों के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये तैयार हैं. कुलदीप का बचपन यहां की गलियों में गुजरा, इसी ग्रीन पार्क मैदान में क्रिकेट सीखा. उन्होंने कहा, 'अगर कल मुझे अंतिम ग्यारह में चुना गया है तो मैं अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा. अपने मैदान में घरेलू दर्शकों के सामने की बात सोचकर बहुत रोमांचित हूं. ' कानपुर के ग्रीन पार्क का यह पहला दिन रात्रि एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होगा.

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कुलदीप ने कहा, 'देश दुनिया में कही भी खेलो, लेकिन अपने शहर अपने मैदान और अपने लोगों के बीच क्रिकेट खेलने का जोश और जुनून कुछ अलग ही होता है. मैं इसी कानपुर शहर में पैदा हुआ यहां की गलियों में बड़ा हुआ, यहीं पढ़ाई की, यहीं क्रिकेट की एबीसीडी सीखी.' मैच के बारे में क्या कोई विशेष रणनीति बनाई है तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे अंतिम एकादश में चुना जाता है तो मैं अपनी रणनीति मैदान में ही दिखाऊंगा क्योंकि यह ग्रीन पार्क मेरा घरेलू मैदान है. और मैं इसकी पिच की रग-रग से वाकिफ हूं, क्योंकि मैंने इस मैदान पर बहुत क्रिकेट खेला है।' 

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उन्होंने कहा, 'कल मैं अपने कानपुर के जाजमऊ स्थित घर भी गया. बहुत दिन हो गये थे अपनी मां के हाथ का खाना खाये, अपने पिता और बहनों से मिले. काफी देर तक सबके साथ रहा और परिवार के साथ समय बिताकर बहुत अच्छा लगा.' गौरतलब है कि 14 दिसंबर 1994 को क्रिकेटर कुलदीप का जन्म कानपुर के जाजमऊ इलाके में हुआ था. वह एक मध्यम वर्गीय परिवार से है और उनके पिता राम सिंह यादव ईंट का भट्टा चलाते हैं. कुलदीप ने कानपुर के ही एक स्कूल में पढ़ाई की और उन्होंने क्रिकेट भी कानपुर के ग्रीन पार्क और कमला क्लब मैदान में सीखा. कुलदीप के पिता और उनका परिवार भी कुलदीप को यहां क्रिकेट खेलते हुए देखना चाहता है.

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कुलदीप से जब इस बारे मे पूछा गया कि क्या उनके माता-पिता और उनकी बहनें कल उनका मैच देखने ग्रीन पार्क आयेंगी, इस पर कुलदीप ने कहा 'मैं जब घर में होता हूं तो क्रिकेट की बात नही करता हूं. अगर उनका मन होगा तो आयेंगे, नहीं हुआ तो नहीं आयेंगे. मैंने उनसे इस बारे में कुछ नही कहा है.' उप्र क्रिकेट संघ के सीईओ ललित खन्ना ने बताया कि सभी खिलाड़ियों की तरह कुलदीप के परिवार के लिये भी मैच के पास बीसीसीआई अधिकारियों को दे दिये गये और इस क्रिकेटर के परिवार के पास मैच के पास पहुंच गये हैं.
(इनपुट भाषा से)
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