यह ख़बर 29 अगस्त, 2013 को प्रकाशित हुई थी

खाद्य विधेयक भारत की साख के लिए नकारात्मक : मूडीज

खास बातें

  • रेटिंग एजेंसी मूडीज ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा विधेयक को देश की साख या रेटिंग के लिए नकारात्मक बताया है।
नई दिल्ली:

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा विधेयक को देश की साख या रेटिंग के लिए नकारात्मक बताया है। मूडीज का कहना है कि इससे सरकार की वित्तीय स्थिति कमजोर होगी और वृहद आर्थिक स्थिति पर भी इसका असर पड़ेगा।

मूडीज ने बयान में कहा कि यह विधेयक ऋण की दृष्टि से भारत सरकार के लिए नकारात्मक होगा। इससे सरकार का खाद्य सब्सिडी खर्च बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 1.2 प्रतिशत सालाना पर पहुंच जाएगा, जो फिलहाल 0.8 फीसदी ही है।

मूडीज ने फिलहाल भारत को स्थिर परिदृश्य के साथ बीएए3 रेटिंग दी हुई है। बीएए-3 का मतलब मामूली ऋण जोखिम के साथ मध्यम ग्रेड है।

खाद्य सुरक्षा विधेयक को लोकसभा ने इसी सप्ताह मंजूरी दी है। इस विधेयक का मकसद देश की 82 करोड़ की आबादी को सस्ता खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। यह इस तरह का दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम है।

मौजूदा मूल्य पर इस कार्यक्रम के कियान्वयन से सालाना 1.30 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा। मूडीज ने कहा कि चूंकि यह विधेयक चालू वित्त वर्ष के शेष महीनों में क्रियान्वित होना है, इसलिए 2013-14 में इसका सरकार के वित्त पर कम असर होगा, लेकिन आगामी वर्षों में अधिक असर दिखाई देगा।

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चालू वित्त वर्ष के लिए कुल खाद्य सब्सिडी बजट 90,000 करोड़ रुपये है। इसमें से 10,000 करोड़ रुपये इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए रखा गया है। एजेंसी ने कहा कि भारत का राजकोषीय घाटा अन्य उभरते बाजारों की तुलना में पहले ही काफी अधिक है।