Postal Employees Bonus 2026: दीवाली से पहले डाक विभाग ने अपने कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है.वित्त वर्ष 2025-26 के लिए डाक विभाग ने योग्य कर्मचारियों को 60 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) की मंजूरी दी है. इस फैसले का फायदा MTS, ग्रुप C, नॉन-गजेटेड ग्रुप B, ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) और कुछ कैजुअल मजदूरों को मिलेगा. बोनस का हिसाब लगाने के लिए अधिकतम मासिक सैलरी ₹7,000 मानी जाएगी. इस आधार पर नियमित कर्मचारियों को करीब ₹13,816 तक का बोनस मिल सकता है.
किसे मिलेगा 60 दिनों का बोनस?
डाक विभाग के आदेश के मुताबिक, बोनस तीन कैटेगरी के लोगों को दिया जाएगा.
- नियमित कर्मचारी: मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), ग्रुप C और नॉन-गजेटेड ग्रुप B के कर्मचारी.
- ग्रामीण डाक सेवक (GDS): नियमित रूप से काम करने वाले GDS को एक्स-ग्रेशिया बोनस मिलेगा.
- कैजुअल मजदूर: तय शर्तें पूरी करने वाले फुल-टाइम और टेम्पररी स्टेटस वाले कैजुअल मजदूरों को एड-हॉक बोनस दिया जाएगा.
कैसे तय होगी बोनस की रकम?
नियमित कर्मचारियों के बोनस का कैलकुलेशन इस फॉर्मूले से होगा:
बोनस = (औसत मासिक सैलरी × बोनस के दिन) ÷ 30.4
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान हर महीने की एलिजिबल सैलरी अधिकतम ₹7,000 तक ही मानी जाएगी. अगर किसी महीने सैलरी इससे ज्यादा रही है, तो भी बोनस के हिसाब में ₹7,000 ही जोड़े जाएंगे. एवरेज मंथली सैलरी निकालने के लिए 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की पात्र सैलरी को जोड़ा जाएगा. इसके बाद कुल रकम को 12 से भाग दिया जाएगा. एक्स्ट्राऑर्डिनरी लीव (EOL) और डाइस-नॉन की अवधि के लिए नियमों के मुताबिक कटौती होगी.
एलिजिबल सैलरी में पे मैट्रिक्स के तहत बेसिक पे, महंगाई भत्ता (DA), स्पेशल बैंकिंग अलाउंस, डेपुटेशन अलाउंस और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में फैकल्टी को मिलने वाला ट्रेनिंग अलाउंस शामिल है. अगर एवरेज मंथली सैलरी ₹7,000 है, तो 60 दिनों का बोनस करीब ₹13,816 होगा. अंतिम रकम को नजदीकी रुपये में राउंड ऑफ किया जाएगा.
GDS को कितना मिलेगा बोनस?
ग्रामीण डाक सेवकों के बोनस की गणना औसत मासिक टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (TRCA) और उस पर मिलने वाले DA के आधार पर होगी.
फॉर्मूला: (औसत मासिक TRCA और पात्र DA × बोनस के दिन) ÷ 30.4
पूरे साल ड्यूटी करने वाले GDS के लिए 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की पात्र TRCA और DA की कुल रकम को 12 से भाग दिया जाएगा. इसमें भी अधिकतम मासिक रकम ₹7,000 मानी जाएगी.जिन GDS ने साल के बीच नौकरी शुरू की, जिन्हें ड्यूटी से हटाया गया या जिन्होंने नौकरी छोड़ दी, उन्हें नियमों के मुताबिक काम की अवधि के हिसाब से बोनस मिलेगा.
कैजुअल मजदूरों के लिए क्या नियम हैं?
फुल-टाइम कैजुअल मजदूरों को बोनस पाने के लिए 31 मार्च 2026 तक लगातार कम से कम तीन साल की तय सेवा पूरी करनी होगी. इसके साथ हर साल 8 घंटे रोज के हिसाब से कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी है. पांच दिन काम करने वाले ऑफिस में हर साल 206 दिन काम करने की शर्त लागू होगी.इन मजदूरों के लिए बोनस कैलकुलेशन ₹1,200 की तय मासिक मजदूरी के आधार पर होगी.
अधिकतम बोनस = ₹1,200 × बोनस के दिन ÷ 30.4
इसके बाद साल का अधिकतम बोनस 365 से भाग देकर रोज की बोनस दर निकाली जाएगी. इस दर को 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच काम किए गए दिनों से गुणा किया जाएगा. अगर किसी महीने वास्तविक मजदूरी ₹1,200 से कम रही है, तो बोनस की गणना में उसी कम रकम को माना जाएगा.
नौकरी छोड़ने या सस्पेंड होने पर क्या होगा?
वित्त वर्ष के दौरान सस्पेंड रहे या जिन पर डाइस-नॉन लागू हुआ, उनके मामले में डाक विभाग के 1981 और 1988 के संबंधित आदेशों के नियम लागू होंगे. 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच इस्तीफा देने, रिटायर होने, नौकरी छोड़ने या डेपुटेशन पर जाने वाले नियमित कर्मचारी भी लागू नियमों के तहत बोनस पाने के पात्र होंगे.
कब मिलेगा बोनस का पैसा?
डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बोनस को मंजूरी दी है. इसका खर्च वित्त वर्ष 2026-27 के स्वीकृत बजट से पूरा किया जाएगा. इस रकम को संबंधित कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों वाले खाते के तहत 'रिवॉर्ड्स' मद में दर्ज किया जाएगा. हालांकि, इस आदेश में बोनस पेमेंट की कोई तय तारीख नहीं बताई गई है.
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