बॉलीवुड अपने संगीत के इतिहास की तरफ पलट कर देख रहा है, और इस बार नॉस्टैल्जिया वापस मेनस्ट्रीम में अपनी जगह बना रहा है. 2000 के दशक के इमोशनल गानों से लेकर 2010 के पार्टी एंथम और 90 के दशक की रोमांटिक धुनों तक, जाने-पहचाने गाने नई आवाजों, नए अरेंजमेंट और नई फिल्मी कहानियों के साथ वापस लाए जा रहे हैं. यह ट्रेंड खास इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि इन गानों के पास पहले से ही वह चीज है जिसे बनाने में नए संगीत को सालों लग जाते हैं: दर्शकों के साथ एक गहरा इमोशनल कनेक्शन.
यह मौजूदा लहर इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव को भी दर्शाती है. सिर्फ पहचाने के लिए पुराने गाने को रीक्रिएट करने के बजाय, फिल्ममेकर्स अब इन मशहूर धुनों को कल्चरल टचपॉइंट्स की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पुराने दर्शक गाने से दोबारा जुड़ पाते हैं जबकि नए सुनने वाले इसे एक बिल्कुल नए अंदाज में खोज पाते हैं.
1. तो फिर आओ - न्यू वर्जन: आवारापन के दर्द को एक नया ऑडियंस मिल रहा है
कुछ गाने होते हैं जो पॉपुलर हो जाते हैं, और कुछ गाने होते हैं जो एक खास इमोशनल याद का हिस्सा बन जाते हैं. 'तो फिर आओ' दूसरी कैटेगरी में आता है.
2007 में आवारापन के साउंडट्रैक के हिस्से के रूप में रिलीज हुआ, मुस्तफा जाहिद और प्रीतम का यह ओरिजिनल ट्रैक फिल्म के सबसे यादगार इमोशनल गानों में से एक बन गया था. लगभग दो दशक बाद, 'तो फिर आओ - न्यू वर्जन' आवारापन 2 के साथ वापस आ रहा है, जिसे मिथून ने रीक्रिएट किया है, और सुबोध शर्मा ने अपनी आवाज दी है, जबकि गाने के लिरिक्स सईद कादरी के वैसे ही रखे गए हैं.
2. बंधु 2.0: एक जनरेशन के पार्टी एंथम की वापसी
कॉकटेल का 'तुम ही हो बंधु' उन गानों में से था जो फिल्म की केयरफ्री एनर्जी का पर्याय बन गया था. 2012 में रिलीज हुआ यह गाना प्रीतम का कंपोज किया हुआ था, और अब 'बंधु 2.0' उसी एनर्जी को कॉकटेल 2 में वापस ला रहा है, शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना के साथ. प्रीतम और इरशाद कामिल वापस आए हैं, साथ में कविता सेठ और नीरज श्रीधर ने अपनी आवाज दोबारा दी है.
3. तेरा मेरा रिश्ता - न्यू वर्जन: जब एक कल्ट मेलोडी नया चैप्टर बनती है
ओरिजिनल गाना आवारापन के सबसे पहचाने जाने वाले ट्रैक्स में से एक था. इसका नया वर्जन मुस्तफा जाहिद और प्रीतम के ओरिजिनल कंपोजिशन को आवारापन 2 में ले आता है, जिसे मिथून ने रीक्रिएट किया है और साज भट्ट और सुबोध शर्मा ने गाया है.
4. आंखों से तूने 2.0: 90 के दशक के रोमांटिक क्लासिक का Gen Z मेकओवर
यह रीमेक मूवमेंट सिर्फ 2000 और 2010 के गानों तक सीमित नहीं है. 'आंखों से तूने 2.0' 90 के दशक में वापस जाता है और 'आंखों से तूने क्या कह दिया' को वापस लाता है.
ओरिजिनल, जतिन-ललित द्वारा कंपोज किया गया और कुमार सानू और अलका याज्ञनिक से जुड़ा हुआ, 1998 में गुलाम के साउंडट्रैक का हिस्सा था. नए वर्जन में देव नेगी और पलक मुच्छल की आवाज है और लिजो जॉर्ज का कंपोजिशन है.
5. ऊंचा लम्बा कद फॉरएवर: 2000 के दशक का डांस नंबर वापस आया
2007 की कॉमेडी वेलकम का 'ऊंचा लम्बा कद' उस दौर के डांस एस्थेटिक को दिखाता था. लगभग दो दशक बाद, 'ऊंचा लम्बा कद फॉरएवर' गाने को वेलकम टू द जंगल के थ्रू वापस ला रहा है, जिसमें विक्रम मोंट्रोस ने आनंद राज आनंद के ओरिजिनल को रीक्रिएट किया है.
क्यों बॉलीवुड अपने संगीत की तरफ पलट कर देख रहा है
इंडस्ट्री के लिए, एक जाना-पहचाना गाना पहले से ही पहचान लेकर आता है. सीक्वल और फ्रेंचाइजी पर काम कर रहे फिल्ममेकर्स के लिए, यह निरंतरता बना सकता है. स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए, एक जानी-पहचानी धुन तुरंत जनरेशन्स तक पहुंच सकती है. और ऑडियंस के लिए, एक और भी सिंपल चीज काम करती है, यादें.
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