Movie Khatta Meeta Songs: 90 के दशक का बॉलिवुड आज से थोड़ा अलग है. उस समय की फिल्मों में परिवार , रिश्ते और आपसी मेलजोल को ज्यादा दिखाया जाता था. उनपर बनी फिल्में बेहतरीन होने के साथ साथ उनके गाने ऑल टाइम हिट रहते है, जिन्हें कभी भी कहीं भी सुना जाता है. और सुनते ही दिल को सकून मिलता है. ऐसी ही एक मूवी आई थी साल 1981 में रिलीज हुई बासु चटर्जी की फिल्म 'खट्टा मीठा, जिसके गाने थोड़ा है थोड़े की, फ्रेनी ओ फ्रेनी, मम्मी ओ मम्मी जैसे गाने सदाबाहर होने के साथ साथ हर ऑकेजन पर बजते हुए चेहरे पर हंसी बिखेरने के साथ साथ दिल को गुदागुदा से जाते है.
पारिवारिक और हल्की-फुल्की गानों से सजी है फिल्म खट्टा मीठा
फिल्म 'खट्टा मीठा' न केवल अपनी पारिवारिक और हल्की-फुल्की कहानी के लिए जानी जाती है, बल्कि इसका संगीत भी हिंदी सिनेमा में परिवारिक रिश्तों की पहचान के लिए रूप में बेहतरीन फिल्म है. संगीतकार राजेश रोशन ने इस फिल्म में ऐसा मधुर और सदाबहार संगीत दिया जो आज भी दर्शको के दिलों को छू लेता है. गुलजार और अमित खन्ना के जरिए लिखे गए इसके गानों के बोलों में जो ताजगी और पारिवारिक रिश्तों की मिठास सुनने को मिलती है उससे दिल और माहौल दोनों खुशनुमा बन जता है.
यहां देखे खट्टा मीठा मूवी के गाने
हर गाने की कहानी है अनोखी
फिल्म के गानों की बात करे तो इसका गाना 'थोड़ा है थोड़े की जरूरत है' एक ऐसा गाना है जो जिंदगी को कम संसाधनों में भी खुशी से जीने का तरीका बेहतर तरीके से सिखाता है. जिसे किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने अपनी जादुई आवाजों इस गाने को और भी शानदार तरीके से डीफाइन किया है. वहीं दूसरी ओर, 'मम्मी ओ मम्मी' और 'रोल रोल' जैसे गानों में यंगसटर्स को अपनी तरफ खींचने में हमेशा से कामयाब रहे है. इसमें मस्ती और मजा साफ नजर आता है.
इसका टाइटल ट्रेक खट्टा मीठा परिवार में आए हर उतार चढ़ाव को अच्छी मिठी यादों के साथ बिताते जाने की बात को दर्शाता है. तो शायद आज की भागभाग जिंदगी में कही पीछे छूटता जा रहा है. वहीं तुमसे मिला था प्यार गाना , जिसे किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने गाया है. फिल्म में राकेश रोशन और बिंदिया गोस्वामी की सगाई होने की खुशी के मौके पर गाया है जिसमें प्यार को मुकाम मिल जाने को दर्शाया गया है. इस फिल्म के हर गाने में एक आम मध्यवर्गीय परिवार के उतार-चढ़ाव, प्यार और नोक-झोंक की झलक मिलती है. यही कारण है कि दशकों बाद भी इस फिल्म का संगीत उतना ही तरोताजा और सुनने लायक लगता है.
यहां सुने फिल्म का गाना
क्या है फिल्म खट्टा मीठा की कहानी
इस फिल्म की कहानी होमी मिस्त्री (जिसका किरदार अशोक कुमार ने निभाया है) और उसके चार बेटो के इर्द गिर्द घूमती है. होमी एक पारसी विधुर हैं जो रिटायर होने वाला हैं. वह अपने बच्चो के साथ एक छोटे से घर में रहता है, बच्चों के बड़े होने और रिटायरमेंट करीब आने पर उसे रिटायरमेंट के आने पर उसे अपने अकेलेपन का अहसास होता है तो उसके दोस्त अपने जैसी ही किसी औरत से विवाह करने का सुझाव देते है.
अपने दोस्तों की सलाह पर होमी एक पारसी विधवा, नर्गिस सेठना (जिसका रोल पर्ल पद्मसी ने निभाया है) से मिलने का और शादी करने का फैसला करता हैं. नर्गिस के भी दो बेटे व एक बेटी होती है. जब दोनों परिवारों के बच्चों को इस शादी के बारे में पता चलता है, तो घर में हंगामा मच जाता लेकिन दोनों परिवारों के बच्चे इस नए रिश्ते को आसानी से अपना नहीं पाते हैं. इसी तालमेल को बिठाने और सीखाने की कहानी है बासु चेटर्जी की काहनी खट्टा -मीठा हैं.
फिल्म खट्टा मिठा के कलाकार
इस फिल्म में अशोक कुमार , पर्ल पदमसी , अशोक कुमार, बिंदिया गोस्वामी मुख्य किरदारों के रूप में है. वही इनके अलावा प्रदीप कुमार, रविराज ,जाल , देवेन वर्मा , पीलू जे. वाडिया , डेविड अब्राहम, राजू श्रेष्ठ (मास्टर राजू), प्रीति गांगुली, विक्रम साहू, रंजीत चौधरी और इफ्तेखार जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिकाएं निभाई.
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