1966 में रिलीज हुई फिल्म सूरज का गीत ‘बहारों फूल बरसाओ, मेरा महबूब आया है' आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे खूबसूरत स्वागत गीतों में गिना जाता है. मोहम्मद रफी की मखमली आवाज, शंकर-जयकिशन का मधुर संगीत और हसरत जयपुरी के रोमांटिक बोलों ने इस गाने को यादगार बना दिया. पर्दे पर राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला की जोड़ी ने गीत के भावों को बेहद खूबसूरती से पेश किया. प्रेमिका के आने पर बहारों और फूलों से उसका स्वागत करने की कल्पना वाला यह गीत आज भी शादियों, प्रेम के इजहार और खास मौकों पर सुनाई देता है.
मोहम्मद रफी की आवाज ने रचा जादू
‘बहारों फूल बरसाओ' को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी थी. गीत के बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे, जबकि इसका संगीत शंकर-जयकिशन ने तैयार किया था. गाने की धुन में शास्त्रीय संगीत की झलक भी सुनाई देती है और इसे राग शिवरंजनी पर आधारित बताया जाता है. गीत की सबसे खास बात यह है कि इसमें प्रेमिका के स्वागत को केवल एक निजी एहसास नहीं, बल्कि पूरी प्रकृति का उत्सव बना दिया गया है.
गाने की शुरुआती पंक्ति- ‘बहारों फूल बरसाओ, मेरा महबूब आया है', सीधे तौर पर खुशी और प्रेम का इजहार करती है. रफी की आवाज ने इन शब्दों में ऐसी गर्माहट और मिठास भर दी कि यह गीत सुनते ही श्रोता रोमांटिक माहौल में पहुंच जाता है.
राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला की शानदार जोड़ी
यह गीत फिल्म सूरज में राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला पर फिल्माया गया था. फिल्म में राजेंद्र कुमार ने सूरज सिंह और वैजयंतीमाला ने राजकुमारी अनुराधा सिंह का किरदार निभाया था. दोनों कलाकारों की जोड़ी इससे पहले भी कई फिल्मों में दर्शकों को पसंद आ चुकी थी. उनके बीच की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने इस गीत को और प्रभावशाली बना दिया. सूरज का निर्देशन टी.
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प्रकाश राव ने किया था. फिल्म में अजीत, मुमताज, जॉनी वॉकर और ललिता पवार जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे. यह फिल्म रोमांस, संगीत और राजसी पृष्ठभूमि से जुड़ी कहानी के कारण अपने दौर में काफी लोकप्रिय हुई थी.
फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी लहराया परचम
सूरज केवल अपने गानों की वजह से ही सफल नहीं हुई, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी इसका प्रदर्शन शानदार रहा. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने लगभग 5 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया और 1966 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में दूसरे स्थान पर रही. फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर ‘सुपरहिट' का दर्जा मिला था.
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‘बहारों फूल बरसाओ' की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह 1966 की बिनाका गीतमाला की वार्षिक सूची में पहले स्थान पर रहा. गाने ने 1967 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में मोहम्मद रफी को बेस्ट प्लेबैक सिंगर और हसरत जयपुरी को बेस्ट गीतकार का अवार्ड दिलाया. शंकर-जयकिशन को भी इसी गीत के लिए बेस्ट संगीतकार का सम्मान मिला. इस तरह एक ही गाने ने तीन बड़े फिल्मफेयर पुरस्कार अपने नाम किए और छह दशक बाद भी इसकी मिठास बरकरार है.
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