बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में आई हैं जिन्होंने न सिर्फ अपनी कहानी की वजह से बल्कि अपने संगीत की वजह से भी अपना नाम कमाया है. आज हम 1990 के दशक में आई एक ऐसी ही फिल्म की बात करेंगे जिसके एक गाने को न सिर्फ लोगों ने पसंद किया, बल्कि इस गाने को दूरदर्शन से लेकर ऑल इंडिया रेडियो पर बैन भी कर दिया गया था. संजय दत्त, माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ की फिल्म 'खलनायक' जो साल 1993 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म का एक गाना जितना मशहूर हुआ था, उतने ही इस गाने को लेकर विवाद भी हुए थे.
कौन सा था गाना?
खलनायक फिल्म का गाना 'चोली के पीछे क्या है' अपने समय का सबसे फेमस गानों में से एक बन गया था. इस गाने के बोल की वजह से इसे दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर बैन कर दिया गया था. हालांकि इसके बाद भी फिल्म का म्यूजिक लोगों को बेहद पसंद आया और विकीपीडिया के मुताबिक, एक हफ्ते में ही इसके 1 करोड़ से ज्यादा ऑडियो कैसेट बिक गए थे.
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का शानदार संगीत
खलनायक के म्यूजिक डायरेक्टर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल थे. गीतकार आनंद बख्शी ने 63 साल करी उम्र इस फिल्म के गाने लिखे थे जिसमें 'चोली के पीछे क्या है' के अलावा 'नायक नहीं खलनायक हूं मैं', 'पालकी में होकर सवार चली रे' और 'आजा साजन आजा' जैसे गानों को भी लोगों ने बेहद पसंद किया. इस गाने को अलका याज्ञनिक और इला अरुण ने गाया था.
खलनायक का बजट और कलेक्शन
6 अगस्त 1993 में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई 'खलनायक' उस समय की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जाती है. फिल्म का डायरेक्शन सुभाष घई ने किया था. वहीं इस फिल्म में संजय दत्त ने बल्लू का रोल प्ले किया था. उनके साथ माधुरी और जैकी श्रॉफ भी लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म की दमदार कहानी, एक्टर्स की बेहतरीन अदाकारी और इसके गानों ने इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया था.
ये भी पढ़ें: राणाजी माफ करना के रीमेक का सोशल मीडिया पर बना मजाक, लोग बोले- राणाजी ने सुन लिया तो कभी माफ नहीं करेंगे
खलनायक के बजट की बात करें तो मुक्ता आर्ट्स के मुताबिक (फिल्म को बनानी वाली कंपनी) दो करोड़ 50 लाख रुपये थे. फिल्म का नेट कलेक्श 12.50 करोड़ रुपये रहा जबकि इसने ग्रॉस कलेक्शन 21.50 करोड़ रुपये का किया था. इस तरह फिल्म को सुपरहिट का तमगा मिला.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं