सोमनाथ भारती की अपील है कि मीडिया उनकी पत्नी के साथ उनके निजी मामले को तूल न दे। लेकिन क्या किसी महिला का घरेलू उत्पीड़न एक निजी मामला है? दरअसल घरेलू उत्पीड़न कानून बना ही इसीलिए कि ये समझ पैदा हुई कि घर आंगन के निजी संसार में महिलाओं पर जो हिंसा हो रही है, वह एक सामाजिक बुराई और जुर्म है।
वैसे राजनीतिक ढंग से भी देखें तो चाहे सोमनाथ भारती का मामला हो या फिर जितेंद्र तोमर का, दोनों उनकी निजी नाकामियां नहीं, आम आदमी पार्टी की सामूहिक विफलता भी है। सबके लिए कसौटी बनाने वाली आम आदमी पार्टी अपने आत्मपरीक्षण में बुरी तरह नाकाम रही है।
आखिर यही सोमनाथ भारती थे जिन्होंने खिड़की एक्सटेंशन में नाइजीरिया की अश्वेत महिलाओं के घर के बाहर भीड़ इकट्ठा की, उनका सार्वजनिक अपमान किया और पूरी आम आदमी पार्टी उनके कृत्य के बचाव में न सिर्फ खड़ी रही, बल्कि रेल भवन के सामने आंदोलन पर बैठ गई।
आम आदमी पार्टी शुचिता की बात बहुत करती है लेकिन भूल जाती है कि भारत में शुचिता का जो सबसे बड़ा पैरोकार था, वह गांधी निजी आचरण को लेकर बहुत कठोर था। वह अपने आंदोलनकारी बड़ी सख़्ती से चुनता था, वह एक हत्याकांड पर तीन साल से चल रहा आंदोलन वापस ले सकता था। केजरीवाल की पार्टी कुछ भी वापस लेने को तैयार नहीं दिखती। जितेंद्र तोमर के मामले में भी उन्होंने बेशर्मी दिखाई और सोमनाथ भारती के मामले में भी अड़ियलपन।
खतरा यह है कि आम आदमी पार्टी के भीतर ऐसे खतरों के खिलाड़ी और भी हैं, जिनके कारनामे आने वाले दिनों में भारत के सार्वजनिक व्यवहार में हास-परिहास से लेकर निंदा तक का सामान बन सकते हैं।
This Article is From Jun 10, 2015
प्रियदर्शन की बात पते की : आप की सामूहिक विफलता
Priyadarshan
- Blogs,
-
Updated:जून 12, 2015 22:55 pm IST
-
Published On जून 10, 2015 23:18 pm IST
-
Last Updated On जून 12, 2015 22:55 pm IST
-
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
आम आदमी पार्टी, आप, जितेंद्र तोमर, सोमनाथ भारती, राजनीतिक सुचिता, Aam Aadmi Party, AAP, Jeetendra Tomar, Somnath Bharti, प्रियदर्शन, Priyadarshan