एससी-एसटी एक्ट में गिरफ्तार राजस्थान के बाड़मेर से पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित.
- पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित मामले की होगी जांच
- एससी-एसटी एक्ट में हुई है गिरफ्तारी
- शिकायतकर्ता ने कहा था-उसने नहीं दर्ज कराया था कोई केस
पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजस्थान के बाड़मेर से एक निजी चैनल के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित के गिरफ़्तारी की जांच के आदेश दिए हैं. इसके बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक ने पटना ज़ोन के आईजी नैयर हसनैन ख़ान को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट तलब किया है.
हालांकि दुर्ग सिंह राजपुरोहित की गिरफ़्तारी पटना की एक अदालत से जारी वारंट के आधार पर रविवार को बाड़मेर में हुई थी. लेकिन इस मामले में शिकायतकर्ता राकेश पासवान ने मीडिया में बयान दिया कि उन्होने कभी भी कोई मामला दर्ज नहीं कराया और दुर्ग सिंह को नहीं जानते. जिसके बाद इस पूरे मामले में साजिश के अंदेशे पर राज्य सरकार ने पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं.
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फ़िलहाल दुर्ग सिंह पटना के बेउर जेल में बंद हैं.जानकारो का मानना है कि दुर्ग के मामले में कई खामियां उजागर हुईं. मसलन शिकायतकर्ता राकेश पासवान ने कह दिया है कि वह आरोपी दुर्ग सिंह को जानता तक नहीं. वहीं दूसरी बात दुर्ग पर जिस दिन पटना में मार पीट का आरोप लगा, उस दिन उनके बाड़मेर में रहने के दावे के समर्थन में कई वीडियो भी हैं. कई पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में मुख्य साज़िश कर्ता संजय सिंह नामक शख्स है, जो कारोबारी है और कई अफसरों से उसके गहरे संबंध हैं.इस मामले में उसके मोबाइल की कॉल डिटेल्स से अन्य साज़िशकर्ताओं के नाम का खुलासा हो सकता है.
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भाजपा नेताओं को इस मामले में रिपोर्ट का बेसब्री से इंतज़ार हैं, क्योंकि इस मामले में बाड़मेर की पार्टी नेता प्रियंका चौधरी का नाम भी जुड़ा है. प्रियंका , जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक की रिश्ते में भतीजी लगतीं हैं.
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हालांकि दुर्ग सिंह राजपुरोहित की गिरफ़्तारी पटना की एक अदालत से जारी वारंट के आधार पर रविवार को बाड़मेर में हुई थी. लेकिन इस मामले में शिकायतकर्ता राकेश पासवान ने मीडिया में बयान दिया कि उन्होने कभी भी कोई मामला दर्ज नहीं कराया और दुर्ग सिंह को नहीं जानते. जिसके बाद इस पूरे मामले में साजिश के अंदेशे पर राज्य सरकार ने पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं.
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फ़िलहाल दुर्ग सिंह पटना के बेउर जेल में बंद हैं.जानकारो का मानना है कि दुर्ग के मामले में कई खामियां उजागर हुईं. मसलन शिकायतकर्ता राकेश पासवान ने कह दिया है कि वह आरोपी दुर्ग सिंह को जानता तक नहीं. वहीं दूसरी बात दुर्ग पर जिस दिन पटना में मार पीट का आरोप लगा, उस दिन उनके बाड़मेर में रहने के दावे के समर्थन में कई वीडियो भी हैं. कई पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में मुख्य साज़िश कर्ता संजय सिंह नामक शख्स है, जो कारोबारी है और कई अफसरों से उसके गहरे संबंध हैं.इस मामले में उसके मोबाइल की कॉल डिटेल्स से अन्य साज़िशकर्ताओं के नाम का खुलासा हो सकता है.
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