- बिहार में शराब माफियाओं के हौसले बुलंद, नालंदा में जवान को मारी गोली
- शराब से भरी पिकअप पकड़ने गई टीम पर हमला, सिपाही अजीत कुमार नहीं रहे
- बिहार में शराब माफियाओं के हौसले बुलंद, शराबबंदी पर सवाल
बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद शराब तस्करों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण नालंदा में सामने आया है. शराब की बड़ी खेप पकड़ने निकली उत्पाद विभाग की टीम पर तस्करों ने फायरिंग कर दी, जिसमें विभाग के सिपाही अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें पहले पावापुरी अस्पताल और बाद में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इस घटना ने शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में लगे सुरक्षा बलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
शराब तस्करों को पकड़ने निकली थी टीम
जानकारी के अनुसार, पटना मुख्यालय की एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) को सूचना मिली थी कि झारखंड से शराब की एक बड़ी खेप नालंदा लाई जा रही है. सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन किया गया और शराब तस्करों को पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की गई.
इसके बाद पटना से आई ईआईबी टीम ने राजगीर उत्पाद विभाग और स्थानीय अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान शुरू किया.

शराब माफिया की फायरिंग में सिपाही की मौत
Photo Credit: अल्टर्ड बाय NDTV
पिकअप को घेरने के दौरान हुई फायरिंग
उत्पाद विभाग की टीम शराब से लदी पिकअप का पीछा करते हुए पावापुरी और गिरियक के बीच हाईवे पर फ्लाईओवर के पास पहुंची. अधिकारियों को उम्मीद थी कि वाहन को रोककर न केवल शराब की खेप पकड़ी जाएगी बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क तक भी पहुंचा जा सकेगा.
फायरिंग के दौरान एक गोली सिपाही अजीत कुमार को लग गई. गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. अचानक हुई घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और इसका फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए.
अस्पताल में तोड़ा दम
घायल अजीत कुमार को उनके साथियों ने तुरंत पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उनकी मौत की खबर मिलते ही उत्पाद विभाग में शोक की लहर दौड़ गई.
आरोपियों की तलाश में छापेमारी
उत्पाद थानाध्यक्ष नीतीश कुमार के अनुसार, कार्रवाई एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो की विशेष टीम के नेतृत्व में की जा रही थी. घटना के बाद स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीमें हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं. हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस शराब से लदी पिकअप और फायरिंग में शामिल आरोपियों के बारे में सुराग जुटाने में लगी हुई है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नालंदा की यह घटना शराब तस्करों के बढ़ते दुस्साहस को उजागर करती है. शराबबंदी लागू होने के बावजूद सक्रिय तस्करी नेटवर्क और कानून लागू कराने वाली टीमों पर हमले की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह भी पढ़ें : पोल्ट्री फॉर्म में मुर्गियां नहीं, शराब की बोतलें निकलीं, भूसा हटाते ही निकला जखीरा, कटिहार में पुलिस रेड
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं