मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऊर्जा विभाग को अनुदान से जुड़ी समीक्षा करने का आदेश दिया है...
पटना:
बिहार में बिजली की दरें महंगी करने के बिहार विद्युत विनियामक आयोग (रेगुलेटरी कमीशन) के फैसले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऊर्जा विभाग को अनुदान से जुड़ी समीक्षा करने का आदेश दिया है, जिससे लोगों में राहत की उम्मीद जगी है. विद्युत विनियामक आयोग (रेगुलेटरी कमीशन)ने शुक्रवार को बिजली दरों में 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की थी. अब तक को सबसे बड़ी बढ़ोतरी और उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए मुख्यमंत्री ने देर रात ऊर्जा विभाग को अनुदान (सब्सिडी) से जुड़ी समीक्षा करने के आदेश दिए. अनुदान मिलने से बिजली का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा.
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को बताया कि सरकार अनुदान से जुड़ी समीक्षा करेगी. यह भी तय किया जाएगा कि किस श्रेणी के बिजली उपभोक्ता को कितना अनुदान दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "उर्जा विभाग द्वारा पड़ोसी राज्यों के टैरिफ का भी अध्ययन किया जाएगा. उसके बाद तय किया जाएगा कि किस श्रेणी में कितना अनुदान देना है."
उल्लेखनीय है कि विनियामक आयोग ने शुक्रवार को राज्य में नई बिजली दरों की घोषणा की थी. बिजली दरों में लगभग 55 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई थी. ये बढ़ोतरी अनुदान रहित थीं. आयोग ने कहा था कि बिजली की नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी. इससे पहले कभी भी एक बार में इतनी बड़ी वृद्धि नहीं की गई थी.
आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी ने बढ़ी हुई दरों की घोषणा करते हुए कहा था कि यह फैसला वर्ष 2016-17 में हुए राजस्व घाटे को देखते हुए लिया गया है. बढ़ी हुई दरों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं को अब एक से सौ यूनिट तक 5.75 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा, जबकि पहले इसके लिए तीन रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खर्च करना पड़ता था. इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों, व्यावसायिक उपयोग, घरेलू उपयोग सहित सभी वर्गों में बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है.
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को बताया कि सरकार अनुदान से जुड़ी समीक्षा करेगी. यह भी तय किया जाएगा कि किस श्रेणी के बिजली उपभोक्ता को कितना अनुदान दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "उर्जा विभाग द्वारा पड़ोसी राज्यों के टैरिफ का भी अध्ययन किया जाएगा. उसके बाद तय किया जाएगा कि किस श्रेणी में कितना अनुदान देना है."
उल्लेखनीय है कि विनियामक आयोग ने शुक्रवार को राज्य में नई बिजली दरों की घोषणा की थी. बिजली दरों में लगभग 55 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई थी. ये बढ़ोतरी अनुदान रहित थीं. आयोग ने कहा था कि बिजली की नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी. इससे पहले कभी भी एक बार में इतनी बड़ी वृद्धि नहीं की गई थी.
आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी ने बढ़ी हुई दरों की घोषणा करते हुए कहा था कि यह फैसला वर्ष 2016-17 में हुए राजस्व घाटे को देखते हुए लिया गया है. बढ़ी हुई दरों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं को अब एक से सौ यूनिट तक 5.75 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा, जबकि पहले इसके लिए तीन रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खर्च करना पड़ता था. इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों, व्यावसायिक उपयोग, घरेलू उपयोग सहित सभी वर्गों में बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है.
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