महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंद जी महाराज
जाने-माने धार्मिक-आध्यात्मिक महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंद जी महाराज वृंदावन और हरिद्वार स्थित अखंड दया धाम के प्रमुख हैं. स्वामी भास्करानंद जी महाराज ने सप्तपुरियों में से एक प्राचीन नगरी काशी में सभी शास्त्रों का अध्ययन करके सन् 1998 में हरिद्वार कुंभ के दौरान अपने गुरु चित्रकूट पीठाधीश्वर 'आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री दयानंद जी महाराज' से सन्यास दीक्षा ग्रहण की। सन् 2016 के उज्जैन महाकुंभ में उन्हें महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा 'महामंडलेश्वर के पद से विभूषित किया गया.
सहज-सरल स्वभाव के धनी स्वामी भास्करानंद जी महाराज बीते 25 वर्षों से 'श्रीमद्भागवत पुराण', 'शिव महापुराण कथा', 'देवी भागवत' और श्री राम कथा के मर्मज्ञ हैं. स्वामी भास्करानंद जी महाराज अपने धार्मिक-आध्यात्मिक प्रवचनों के जरिए देश-दुनिया में सनातन परंपरा से जुड़ी संस्कृति और धर्म का अमृत तत्व सभी उम्र के लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं. स्वामी भास्करानंद जी महाराज के प्रवचन और प्रेरक प्रसंगों को न सिर्फ देश के तमाम सेटेलाइट चैनल्स और उनके आधिकारिक YouTube चैनल swamibhaskaranandjimaharaj पर देखा जा सकता है बल्कि https://ndtv.in/ पर भी पढ़ा जा सकता है.
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- Written by: महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंद जी महाराज
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सनातन पंरपरा में औघड़दानी कहलाने वाले भगवान शिव की पूजा में भस्म क्यों अर्पित की जाती है? शिव साधक को महादेव की प्रिय भस्म को प्रसाद मानकर अपने शरीर में आखिर कहां धारण करना चाहिए? भस्म का धार्मिक महत्व और महाउपाय विस्तार से जानने के लिए पढ़ें महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंद की बड़ी सीख.
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Sant Ki Seekh: दान देने से पहले जरूर जान लें किसे क्या देना और क्या नहीं देना चाहिए?
Daan Kisko Dena Chahiye: हिंदू मान्यता के अनुसार सतयुग में तप को, त्रेतायुग में ज्ञान को, द्वापरयुग में यज्ञ को और कलयुग में दान का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दान देने और लेने दोनों का एक नियम होता है. पाप को हरने और पुण्य प्रदान करने वाले दान के बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़ें महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंद की बड़ी सीख.
- जून 11, 2026 14:20 pm IST
- Written by: महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंद जी महाराज